श्रीराम मंदिर आंदोलन में संघर्षशील कारसेवकों को संघ ने किया सम्मानित

 


झांसी। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हुए आंदोलन में 1990 में उत्तर प्रदेश के झांसी में तत्कालीन पुलिस और प्रशासन की बर्बरता का शिकार हुए कारसेवकों और उनके परिजनों को राष्ट्रीय सेवक संघ ने शनिवार को सम्मानित किया। संघ कार्यालय में उन बलिदानियों को याद किया गया जिन्होंने राम मंदिर के लिए 1990 में हुए संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी या प्रशासन की लाठियां खाकर भी अपना प्रण नहीं छोड़ा। प्रांत कार्यवाह इंजीनियर अनिल श्रीवास्तव ने इन साहसी कारसेवकों में से एक शहर के खंडेरावगेट के पास पुलिस प्रशासन की गोलियों का शिकार हुए जगत प्रकाश अग्रवाल के अदम्य साहस को नमन किया और आज उनके भाई व्यापारी दीपप्रकाश अग्रवाल को सम्मानित किया गया। 

इसके अलावा लाठी-डंडे और गोलियां खाकर भी अन्य कारसेवकों के लिए भोजन  तथा दूसरी जरूरतों की आपूर्ति में योगदान देने वाले रामप्रकाश अग्रवाल, विनोद सांगला, पप्पू नाईक, राजीव गुप्ता और  राय बहादुर राय आदि को सम्मानित किया गया। प्रांत कार्यवाह ने कहा कि जिस राममंदिर के लिए झांसी में दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में जुटे कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया या पुलिस की बर्बरता झेली आज उनके लिए बेहद खुशी का दिन है कि उनका संघर्ष अब रंग लाने जा रहा है। अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण ऐसे ही निडर कारसेवकों के अदम्य साहस के आधार पर आज संभव होने जा रहा है। जिन कुछ लोगों का नाम सामने आया उन्हें आज सम्मानित किया गया लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिनके नाम का कुछ पता नहीं है लेकिन राममंदिर के संघर्ष में हिस्सा लेने वाले हर व्यक्ति के साहस का ही परिणाम है मंदिर निर्माण का शुभारंभ और हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि अपने जीवनकाल में ऐसा होते हम देख पा रहे हैं। जिस मंदिर के निर्माण की आस लिए इतने लोगों ने बलिदान दिया उसका भव्य निर्माण होने जा रहा है और इसमें हर एक व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए देश भर में निधि संग्रह का अभियान शुरू किया गया। 

इस अभियान में छोटे से छोटे व्यक्ति से लेकर धनाढ़य तक सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने का काम किया जायेगा। 15 जनवरी से शुरू हुआ यह अभियान 27 फरवरी तक चलेगा। संघ के लोग महानगरों से लेकर गांवों के प्रत्येक घर में जाकर  लोगों का आर्थिक सहयोग हासिल करेंगे। इस ओर जनजागरण के लिए आज महानगर में एक बाइक रैली निकाली गयी और सुबह के समय रामधुन के साथ प्रभात फेरियां मोहल्लों और बस्तियों में निकाली जा रहीं हैं। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन जागरण रैलियां और प्रभात फेरियां निकाली जा रही हैं। अयोध्या में केवल राममंदिर ही नहीं बल्कि अध्यात्म का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जिस पर न केवल देश बल्कि दुनिया की नजरें हैं। इसे राम को जानने, अध्ययन करने और उनके चरित्र को जीवन में उतारने के लिए एक बडे अध्यात्म केंद्र के रूप में इसे विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने और अपना योगदान करने की अपील की है।

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