प्रधानमंत्री आवास योजना ने हर गरीब के आवास के सपने को साकार किया : योगी आदित्यनाथ

 


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने हर गरीब के आवास के सपने को साकार किया है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल, 2016 को पीएमएवाई-जी योजना घोषित की गई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 नवम्बर, 2016 को उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में इसका शुभारम्भ किया था। उन्होंने कहा कि देश के अंदर हर एक गरीब को सिर ढकने के लिए छत उपलब्ध हो सके, यह केवल एक कोरी कल्पना नहीं बल्कि हकीकत में इस योजना के जरिए देखने को मिला है। 

मुख्यमंत्री बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत प्रदेश के 6.10 लाख लाभार्थियों को 2,690 करोड़ रुपये की धनराशि ऑनलाइन हस्तांरित करने के दौरान बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के अंदर बड़े पैमाने पर बिना किसी भेदभाव के गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की मुहिम प्रारम्भ हुई है। योजना के तहत अकेले उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में 14.61 लाख से अधिक लाभार्थियों को अब तक आवास उपलब्ध हुए, जिनमें से 14.33 लाख आवाज तैयार हो चुके हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2020-21 के लिए प्रदेश के लिए 7.10 लाख आवास स्वीकृत हुए। इसमें से 1,76,000 की पहली किश्त लाभार्थियों को पहले ही दी जा चुकी है और आज प्रधानमंत्री के कर कमलों से उत्तर प्रदेश के 5.30 लाख लाभार्थियों को पहली किश्त और 80,000 लाभार्थियों को दूसरी किश्त डिजिटली हस्तांरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह 6.10 लाख लाभार्थी एक साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2691 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि हस्तांरित की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक नागरिक सिर ढकने के लिए आवास की इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना ने हर गरीब के आवास के सपने को साकार किया है। आज हर गांव में हमें प्रधानमंत्री आवास योजना योजना के तहत आवास देखने को मिलता है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में भी किसी भी मोहल्ले में जाते हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी भी वह हमें देखने को मिलती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब के जीवन में परिवर्तन करने का प्रधानमंत्री की जो सोच रही है, वह साकार होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में पहले इसे एक सपना माना जाता था। पहले आवास के नाम पर 20-25 हजार रुपये मिलते थे। लेकिन, जब से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्रारंभ हुई तो 1.20 लाख की धनराशि प्रत्येक लाभार्थी को आवास और 12,000 रुपये शौचालय के लिए दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही 90 दिन की मनरेगा की मजदूरी के बराबर रोजगार की सुविधा भी प्रत्येक लाभार्थी को उपलब्ध करायी जा रही है। 

उन्होंने कहा कि वहीं वहीं नक्सल प्रभावित मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली जैसे जनपदों में 1.30 लाख रुपये आवास व 12,000 रुपये शौचायल तथा 90 दिन की मनरेगा की मजदूरी रोजगार की दृष्टि से उपलब्ध करायी जा रही है। इसके साथ ही हर लाभार्थी को उज्जवला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कनेक्शन, सौभाग्य योजना के अंतर्गत विद्युत का नि:शुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराने और हर एक लाभार्थी को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही केन्द्र व राज्य सरकार की योजना के साथ विगत तीन वर्षों से एक अभियान चला कर के सहजन के पौधे भी ऐसे लाभार्थियों के घरों के पास लगाने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि वहीं कुपोषित परिवारों को निराश्रित गो आश्रय स्थलों के माध्यम से एक-एक दूध देने वाली गाय भी उपलब्ध कराने का कार्य से हम लोगों ने प्रारंभ किया है और लगभग 9,000 से अधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

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