वर्चस्व की लड़ाई में एक पैंथर की मौत, देवगढ़ के जंगल में मिला शव

 


प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ के देवगढ़ इलाके के जोलर स्थित जंगल में एक पैंथर मृत अवस्था में मिला है। पैंथर के शरीर पर कई घाव मिले है। इसके बाद पोस्टमार्टम में सामने आया कि इस पैंथर की अन्य पैंथर से संघर्ष के दौरान मौत हुई है, जिसके बाद पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम की मौजूदगी में पैंथर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

उपवन संरक्षक संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि देवगढ़ क्षेत्रीय वन अधिकारी नरपत सिंह राठौड़ और कर्मचारी जोलर के जंगल में रविवार सवेरे गश्त कर रहे थे। इस दौरान जंगल में एक स्थान पर पैंथर का शव मिला। उसके शरीर पर कई घाव थे। इस पर शव को देवगढ़ रेंज में लाया गया। यहां से शव को प्रतापगढ़ के करमदिया नर्सरी में रखा गया, जहां पशुपालन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम में सामने आया कि यह नर पैंथर था, जिसकी उम्र 6-7 वर्ष की है। इस पैंथर के शरीर पर कई घाव भी थे। पोस्टमार्टम में सामने आया कि इसकी अन्य पैंथर से संघर्ष के दौरान मौत हुई। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम की मौजूदगी में पैंथर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

वन्य अधिकारियों ने बताया कि जंगल में रहने वाले पैंथर और अन्य शक्तिशाली वन्यजीवों का अपना एक इलाका होता है, जिस पर यहां के नर का अधिकार होता है। कई बार किसी नर के इलाके में अन्य नर प्रवेश कर लेता है, तो उनमें संघर्ष होता है। कई बार किसी मादा पर अपना अधिकार करने के लिए भी दो नरों में संघर्ष होता है। इस प्रकार के संघर्ष में जो नर जीत जाता है, उसका संबंधित क्षेत्र और मादा पर अधिकार हो जाता है। ऐसे में कई बार संघर्ष इतना भयानक होता है कि एक नर की मौत तक हो जाती है।

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