मुख्यमंत्री योगी ने बजट को लेकर मंत्रियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

 


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट को लेकर शनिवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने मौजूदा बजट के अंतर्गत अब तक जारी स्वीकृतियों एवं खर्च का लेखा-जोखा भी देखा। शासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने बजट को लेकर आवश्यक निर्देश दिये और कहा कि सभी विभाग शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजना सुनिश्चित करें। साथ ही केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त करें। 

सौभाग्य अथवा दीनदयाल उपाध्याय योजना के जरिये विद्युतीकरण के अधूरे कार्यों को उन्होंने तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं का बकाया न रहे, इसकी सतत समीक्षा की जाए। उपभोक्ताओं की सुविधा सरकार का मुख्य लक्ष्य है। ओवरबिलिंग और स्मार्ट मीटर से जुड़ी की शिकायतें बन्द हों। मीटर रीडरों की भी जवाबदेही तय हो। साथ ही, जिनसे बिजली खरीद रहे हैं, उनका समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मीटर रीडरों का पोर्टल बनाया गया है। अब वह सभी जीपीएस की जद में हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि फर्जीवाड़ा न हो। साथ ही शासकीय विभागों के बकाया बिजली बिल के भुगतान की एकीकृत व्यवस्था बनाने को कहा।  सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी टॉयलेट, ग्राम सचिवालयों के कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इंडो-नेपाल बॉर्डर सामरिक रूप से हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस क्षेत्र की सड़कों से जुड़ी परियोजनाएं शीघ्रता से पूरी की जाएं। विशेषज्ञों की मदद लें। सरयू नहर परियोजना और मध्य गंगा परियोजना को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। 

मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें मकान दिलाने के निर्देश दिए। कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल सरकार की प्रतिबद्धता है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मकानों की मांग का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने को कहा।  प्रदेश के पुराने राजकीय इंटर कॉलेजों और शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार करवाने और कॉलेजों के पुरातन छात्र परिषदों को सहयोग के लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि संस्कृत विद्यालयों में जब तक स्थायी शिक्षक न आएं तब तक अस्थायी व्यवस्था की जाए। यह भी कहा कि बेसिक शिक्षा में बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं। इन प्रयासों को और गति प्रदान करें। 

बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मौजूदा बजट के अंतर्गत अब तक जारी स्वीकृतियों एवं खर्च का लेखा-जोखा रखा गया। बैठक में 500 करोड़ से अधिक के सालाना बजट वाले सभी विभागों के मंत्री और अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव गणों की उपस्थिति रही। दरअसल योगी सरकार आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार के बजट को खास बनाने की कोशिश में है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी अधिकारियों को बार-बार निर्देश भी दे रहे हैं। सोमवार को भी एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि सभी विभाग विचार-विमर्श करके बजट को जल्द ही अंतिम रूप दे दें। उस समय उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार भी बजट बना रही है। ऐसे में जिन विभागों ने अभी तक प्रस्ताव नहीं भेजा है, वह जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव प्रेषित कर दंे। 

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