सूचना न देने पर सीएचसी अधीक्षक व डॉक्टर पीएचसी को 25-25 हजार रुपये जुर्माना

 


बांदा। जन सूचना के तहत जन सूचना अधिकारी अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू बांदा तथा जन सूचना अधिकारी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन द्वारा एक समाजसेवी को सूचना उपलब्ध न कराने पर सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश सुबेश कुमार सिंह ने 25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। यह जुर्माने की राशि वसूल कर सरकारी कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वयंसेवी प्रमोद आजाद ने जन सूचना अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू तथा जन सूचना अधिकारी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन से सूचनाएं मांगी थी। लेकिन इनके द्वारा सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई जिससे प्रमोद आजाद ने सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश के यहां अपील की। जिसमें दोनों सूचना अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। दूसरी सुनवाई 19 नवम्बर 2020 को हुई, इस सुनवाई में भी दोनों अधिकारी अनुपस्थित रहें।

आयोग ने उन्हें पुनः नोटिस जारी कर निर्देश दिए थे कि 15 दिवस के अंदर अपीलकर्ता को उसके आपत्ति पत्र के क्रम में संशोधित सूचनाएं प्रारूप-5 में उपलब्ध कराई जाएं तथा अगली तिथि में सूचनाओं की प्रति पंजीकृत डाक से भेजे जाने का प्रमाण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। आयोग ने इस बारे में स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जन सूचना अधिकारियों ने आयोग के निर्देश का पालन नहीं किया। 

आयोग ने दोनों जन सूचना अधिकारियों के विरुद्ध पृथक-पृथक सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के अधीन 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित कर दंड वसूली का आदेश निर्गत कर प्रकरण को समाप्त कर दिया। साथ ही रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश सूचना आयोग गोमती नगर लखनऊ को निर्देशित किया कि जन सूचना अधिकारियों के वेतन से पृथक-पृथक आरोपित अर्थदण्ड 25-25 हजार रुपये वसूल कर यह राशि सरकारी कोष में जमा कराई जाए।

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