अखिलेश ने पांडवों की कर्म भूमि कम्पिल से शुरु की चुनावी चक्रव्यूह रचना

 


फर्रुखाबाद। महाभारत काल में पांडवों की कर्मभूमि रहे फर्रुखाबाद से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को यहां पहुंच कर चुनावी चक्रव्यूह की रचना शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने महाभारत काल मे पांचाल प्रदेश का दर्जा प्राप्त कम्पिल नगरी से आज राजनीति की सियासी चौसर पर गोटियां बिछानी शुरू कर दी है। 2022 फतह को लेकर यहां चल रहे सपा के कार्यकर्ता शिविर की शुरुआत कर दी गई है।इस शिविर में मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस शिविर में सोमवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव पहुंचकर कार्यकर्ताओं को 2022 फतह के गुर सिखएगें।

बताते चले कि, कम्पिल के नगर पंचायत चेयरमेन उदय पाल यादव प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह के खास सिफह सालार थे।शिव पाल ने उन्हें प्रदेश सचिव का दायत्व सौपा था। राजनीति की सियासी चौसर पर गोटियां बिछाने में माहिर सपा के जिलाध्यक्ष नदीम फारुखी ने शिवपाल के खास सिपह सालार ने जोड़-तोड़ कर उदयपाल यादव को 22 जनवरी को सपा में फिर शामिल कर लिया। उदयपाल यादव के सपा में शामिल होते ही आज सपा मुखिया अखिलेश यादव शिवपाल का गढ़ ध्वस्त करने के लिए कम्पिल पहुंच गए। 

उन्होंने आगामी चुनाव के लिए पांडवों की कर्म भूमि से जोड़-तोड़ और काट-छांट की शुरुआत कर दी। कम्पित में अखिलेश यादव के पहुंचने से उदयपाल गुट में खुशी की लहर दौड़ गई है।समाचार लिखे जाने तक सपा मुखिया जोड़-तोड़ और काट-छांट की राजनीति में कम्पिल में डटे हुए हैं। वह देर रात गेस्ट हाउस पहुंच कर रात विश्राम करेंगे। इसके बाद वह सोमवार को यहां चल रहे सपा के गोपनीय शिविर में कार्यकर्ता व पदाधिकारियों को 2022 का गुर मन्त्र देगें। 

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