MS धोनी जैसी है इस खिलाड़ी की कहानी, जिसने फुटबॉल की गोलकीपिंग छोड़ क्रिकेट की विकेटकीपिंग शुरू की और फिर बना तगड़ा क्रिकेटर

 


डेस्क। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्‍लेबाज और दुनिया के महानतम कप्‍तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी की कहानी से हम सभी अवगत है कि किस तरह से वह फुटबॉल के गोलकीपर से क्रिकेट के विकेटकीपर बने और कैसे इस खेल में अपना डंका बजवाया। 

किंतु बता दें कि जूनियर रैनडैल्‍फ मरे भी एक ऐसे ही खिलाड़ी है जिनकी कहानी भी धोनी की तरह ही मेल खाती है। दरअसल, उन्होंने भी धोनी की तरह फुटबॉल की गोलकीपिंग छोड़ क्रिकेट की विकेटकीपिंग शुरू की और फिर धाकड़ क्रिकेटर बन गए। 

जूनियर रैनडैल्‍फ मरे का खेल करियर 
जानकारी के मुताबिक धोनी की ही तरह रैनडैल्‍फ ने भी फुटबॉल गोलकीपर बनकर अपना खेल करियर प्रारंभ किया था। वह अपने फुटबॉल एवं क्रिकेट दोनों टीमों में अपने स्‍कूल का प्रतिनिधित्‍व करते थे। परन्तु स्‍कूल टीचर के कहने पर उन्‍होंने फुटबॉल की जगह क्रिकेट पर फोकस करने का निर्णय किया। 

उन्‍होंने वेस्‍टइंडीज हेतु 33 टेस्‍ट खेलकर 22.39 की औसत से 918 रन बनाए और 99 कैच व 3 स्‍टंप किए। वहीं, 55 वनडे में 22.60 की औसत से 678 रन उनके बल्‍ले से निकले। इस प्रारूप में उन्‍होंने 46 कैच लेने के  सिवा 7 स्‍टंप भी किए।  टेस्‍ट में उनके नाम एक शतक व 3 अर्धशतक दर्ज हैं तो वनडे में उन्‍होंने पांच अर्धशतक जड़े है। 

जहां तक उनके प्रथम श्रेणी करियर की बात है तो उन्‍होंने 149 मैच खेलकर 30.90 की औसत से 6830 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्‍होंने 11 शतक तथा 30 अर्धशतक लगाए जबकि 337 कैच लेने के सिवा 31 स्‍टंप भी किए। वहीं, 122 लिस्‍ट ए मैचों में मरे ने 23.10 की औसत से 1895 रन बनाए। इस प्रारूप में उन्‍होंने 1 शतक और 8 अर्धशतक लगाए।

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