पहले बाउंसरों से डरा करते थे शुभमन गिल, बताया कैसे पाया इस डर पर काबू...

 


 

डेस्क। भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल की पूर्व टेस्ट सीरीज एक सपने की शुरुआत थी तथा ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में उनकी वीरता ने हिंदुस्तान को एक यादगार जीत प्रदान की। गिल ने माना कि वह बाउंसरों से घबराए हुआ करते थे, परंतु उन्होंने बहुत तैयारी की एवं अब वे जो शॉट प्रैक्टिस करते थे तथा अब वे उसी का भाग बन गए।

उन्होंने बोला कि जब मैं छोटा था, तो मुझे बाउंसरों से काफी भय लगता था। मैं पहले से ही सीने तक आने वाली गेंदों हेतु तैयार रहता था। मैं ड्राइव का काफी अभ्यास करता था इसलिए मैं स्ट्रेट बैट से पुल शॉट खेलने में परिपक्व हो गया। मैंने एक और शॉट भी विकसित किया, जहां मैं पीछे हटकर कट खेलता हूं। मुझे शॉर्ट डिलीवरी से भय लगता था इसलिए मैं हमेशा कट शॉट खेलने हेतु गेंद की लाइन से दूर होना चाहता था। ये दो-तीन शॉट हैं जो मुझे बचपन में पसंद थे एवं अब मेरे जीवन का एक भाग बन गए हैं उन्होंने यह बयान अपनी आईपीएल टीम कोलकाता नाईट राईडर्स को प्रदान किया है। 

गिल ने बोला कि जब आप गेंद को खेलते रहते हैं तो आपका भय समाप्त हो जाता है। आप सिर्फ तब तक डरते हैं जब तक आपको झटका नहीं मिलता किन्तु एक बार जब आप टिक जाते हो तो आपको ऐसा लगता है कि यह काफी सामान्य था। फिर आप भय को पूरी तरह से खत्म कर देते हो। मैं 9 वर्ष का था जब मुझे एक उच्च आयु वर्ग के मैच में खेलने हेतु कहा गया था। हमारी अकादमी में एक गेंदबाज था जो वास्तव में तेज था। मैं उसके विरुद्ध बल्लेबाजी कर रहा था तथा डर रहा था कि मुझे शुरू करने हेतु बाउंसर मिलेगा। इसलिए मैंने पहले से निर्धारित कर लिया था कि मैं इसे डक कर दूंगा।

उन्होंने आगे कहा कि उसने बाउंसर लगाने का प्रयास किया एवं पिच को खत्म कर दिया। मुझे यह महसूस हुआ किंतु फिर भी उन्होंने चौका और गेंद को मेरे बल्ले के किनारे से टकराते हुए देखा। मुझे एहसास हुआ कि वह इतना तेज नहीं था। शीघ्र ही मैंने 2-3 चौके मारे। इससे मुझे अपने आत्मविश्वास का स्तर बढ़ाने में सहायता प्राप्त हुई। इस वारदात ने लेदर गेंद की बाउंसरों हेतु मेरे दिल से सभी तरह के डर को खत्म कर दिया।

उल्लेखनीय है कि भारत ने गाबा में चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से पराजित कर चार मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीती। गिल ने भारत की दूसरी पारी में 91 रनों की पारी खेली, जिससे टीम 328 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में कामयाब रही। 

यह खबर भी पढ़े: वाशिंगटन सुंदर ने कहा- टेस्ट मैचों में पारी के आगाज का मौका मिलना होगा वरदान

From around the web