नई शिक्षा नीति से देश की शिक्षा व्यवस्था में आएगा सकारात्मक बदलाव : राज्यपाल

 


जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि नई शिक्षा नीति-2020 अत्यंत दूरदर्शी तरीके से सोच विचार कर लाई गई है, जिससे देश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा। नई शिक्षा नीति में दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता सहित विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया गया है। राज्यपाल मिश्र गुरुवार को वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के वर्चुअल दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

 उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालयों में उनके सुझाव पर उच्चस्तरीय समितियां गठित कर इस नीति को लागू करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालयों में कृषि आधारित तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, जिससे कृषि अर्थव्यवस्था में सुधार हो और किसान आर्थिक रूप से सक्षम तथा खुशहाल बनें। किसान, मजदूर, आदिवासी, दिव्यांग तथा समाज के वंचित वर्गों को शिक्षित कर सशक्त बनाने में दूरस्थ शिक्षा को विशेष भूमिका निभानी चाहिए। 

उन्होंने सुझाव दिया कि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के अध्ययन केन्द्रों पर विद्यार्थी समस्या समाधान दिवस आयोजित किए जाने चाहिए ताकि विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे दूर-दराज क्षेत्र के विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर उन्हें राहत प्रदान की जा सके। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि कुलाधिपति के तौर पर उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में संविधान पार्क बनवाने की पहल की है, जिससे विद्यार्थी भारतीय संविधान की मूल भावना तथा अपने कत्र्तव्यों के प्रति सजग होकर जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यावरण जनजागरूकता बढ़ाने को लेकर भी विद्यार्थियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराने की जरूरत है। 

भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए नई शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. एल. गोदारा ने स्वागत उद्बोधन में शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने में इस खुला विश्वविद्यालय के योगदान तथा शिक्षण कार्य में विश्वविद्यालय द्वारा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रयोग के माध्यम से किए गए नवाचारों की चर्चा की।

दीक्षांत समारोह में मानविकी, समाज विज्ञान, विज्ञान एवं तकनीकी, सतत् शिक्षा, वाणिज्य एवं प्रबंध संकायों के पीएचडी, स्नातकोत्तर, स्नातक एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित की गई तथा सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। मोनिका पाण्डेय एवं मोनिका सोनी को राज्यपाल ने कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया। आरम्भ में राज्यपाल मिश्र ने संविधान की उद्देश्यिका तथा मूल कत्र्तव्यों का वाचन भी करवाया। 

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