रोडवेज का बीकानेर आगार कोरोनाकाल में मुनाफे की ओर, प्रतिदिन 12 लाख की आय

 


बीकानेर। कोविड-19 कोरोना काल में जहां चहुंओर आर्थिक रुप से पिछड़ रहे सरकारी, व्यापारिक प्रतिष्ठान, उद्योग धंधों के बीच राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की ओर से अच्छी खबर सामने आयी है। करोड़ों रुपए का दंश झेलने वाली रोडवेज का बीकानेर आगार कोरोना काल में यात्रीभार बढऩे के कारण मुनाफे की ओर अग्रसर है। वर्तमान में यहां से 52 बसों को संचालित किया जा रहा है जिसमें लगभग 90 प्रतिशत यात्रीभार आ रहा है। 

बीकानेर आगार के ट्रेफिक मैनेजर मुदित सिंह के अनुसार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगाए गए लॉकडाउन से पहले जहां औसत यात्रीभार लगभग 75 फीसदी रहता था वही यात्रीभार वर्तमान में 90 प्रतिशत हो चुका है। लॉकडाउन के बाद अनलॉक लगने के बाद यात्रियों का झुकाव रोडवेज बसों की ओर अधिक हुआ है इसी वजह से रोडवेज के मुनाफे की ओर बदम बढ़ रहे हैं। सोशियल डिस्टेंसिंग और सुरक्षित यात्रा के चलते लोग वर्तमान में रोडवेज बसों को महत्व दे रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सर्दी का दौर शुरु हो चुका है और प्रतिवर्ष यात्रीभार सर्दी में घट जाता है लेकिन यह पहला मौका है जब सर्दियों में भी रोडवेज मेें यात्रीभार में किसी भी प्रकार की कोई गिरावट नहीं आयी है। बीकानेर आगार की 52 बसें प्रतिदिन 34 हजार किलोमीटर का सफर तय करते हुए प्रतिदिन औसत आय लगभग 12 लाख की हो रही है। 

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