राजस्थान हाईकोर्ट: राज्य सरकार नहीं कर सकती मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का अंतर जिला स्थानांतरण

 


जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी का अंतरजिला स्थानांतरण नहीं कर सकती। इस पर आज एक याची की सुनवाई पर ये आदेश दिया गया। पंचायत समिति के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण करने के लिए पंचायत समिति ही अधिकृत है। राज्य सरकार द्वारा सीएमएचओ बांसवाड़ा के स्थानांतरण करने पर लगाई अंतरिम रोक लगाई गई। अब अगली सुनवाई 10 फरवरी का होगी। बांसवाड़ा निवासी सीएमएचओ डॉ वीरेंद्र कुमार जैन की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने पैरवी की। न्यायाधीश दिनेश मेहता ने याची के तर्कों और नियमो का अनुशीलन कर याची को अंतरिम राहत प्रदान की। 

याची के अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने रिट याचिका पेश कर बताया कि राज्य सरकार के नियमानुसार याची  सीएमएचओ पद के लिए सभी आवश्यक योग्यता और नियमानुसार 20 साल से अधिक का अनुभव भी रखता है। याची की योग्यता को देखते हुए राज्य सरकार ने सीएमएचओ बांसवाड़ा पद पर नियुक्त किया। लेकिन 4 माह बाद ही राजनीतिक कारणों से जूनियर डॉक्टर को एडजस्ट करने के लिए स्थानांतरण आदेश 30 दिसंबर 2020 जारी कर याची को सीएमएचओ पद से हटाते हुए जिला अस्पताल बांसवाड़ा में पदस्थापित कर दिया। अगले ही दिन एक अन्य आदेश दिनांंक 31.12.2020 से याचिकाकर्ता का स्थानांतरण जिला परियोजना समन्वयक बांंसवाड़ा पद पर कर दिया। याची की ओर से बताया कि उक्त स्थानांतरण नियमोंं के खिलाफ किया गया है क्योंकि पंचायत समिति बांंसवाड़ा के अधीन स्थानांतरण करने के लिए पंचायत समिति की प्रशासन एवं स्थापना कमेटी ही सक्षम है। राज्य सरकार याची का स्थानांतरण जिला के अंतर्गत नही कर सकती हैं और पंचायत राज विभाग की सहमति भी नहीं ली गयी है।

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