आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम - विधायक

 


उदयपुर। आदिवासी समाज को ऊपर उठाने के लिए हमें शिक्षा में उन्हें आगे लाना होगा। उनका सहयोग व प्रेम के माध्यम से ही यह कार्य हो पाएगा। यह बात उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने रविवार को यहां अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के स्थापना दिवस पर उदयपुर के सेक्टर-13 स्थित वनवासी कल्याण परिषद के कार्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का विकास हम सभी की एक सामूहिक जिम्मेदारी है। 

विचार में प्रदेश महामंत्री गोपाल कुमावत ने वनवासी कल्याण परिषद् की स्थापना व उसके कार्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आगामी राम मंदिर निधि संग्रह अभियान में सभी कार्यकर्ता तन-मन-धन से लगेंगे तथा करीब 510 गांवों में निधि संग्रह किया जाएगा। मुख्य वक्ता प्रदेश मंत्री सुंदर कटारिया ने वनवासी कल्याण परिषद की सेवा यात्रा के बारे में जानकारी दी और कहा कि आज सुदूर वनवासी अंचल में वनवासियों का जीवन उसी स्थिति में है, जिस स्थिति में पहले था। हमारा यह सामाजिक दायित्व बनता है कि वे भी हमारे भाई है, उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए निरंतर प्रयास हों। उन्होंने कहा कि वास्तव में वनवासी स्वाभिमानी एवं बहुत ही संतोषी प्रवृत्ति के होते हैं। 

भगवान श्रीराम के सहयोगी हों, महाराणा प्रताप के सहयोगी हों या अंग्रेजों से देश को आजादी कराने का संघर्ष हो, वनवासी बंधु कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई देश विरोधी ताकतें वनवासियों को भ्रम में डालने व अनुचित कार्य करवाने के लिए प्रेरित करने का षड़यंत्र कर रही हैं। उनसे सभी देशवासियों को एक-साथ मिलकर ऊंच-नीच का भेद मिटाकर कंधे से कंधा मिलाकर लड़ना होगा।

यह खबर भी पढ़े: राहुल गांधी ने 'कविता' के माध्यम से साधा मोदी सरकार पर निशाना, कहा- वॉटर गन की बौछार हो, या गीदड़ भभकी हज़ार हो, तुम...

From around the web