भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पूनियां ने विवादित वेब सीरीज 'तांडव' की कड़ी निंदा की

 


जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने विवादित वेब सीरीज ‘‘तांडव’’ को लेकर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, भारत का लोकतंत्र अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन उस आजादी के नाम पर काफी फिल्मों में और इस तरीके के चित्रण में हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान उस निरंकुश अभिव्यक्ति की आजादी के साए में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में आया है कि तांडव वेब सीरीज में जो वर्णित किया गया है, उसमें हिन्दू देवी-देवताओं सहित भगवान शिव और प्रधानमंत्री पर अशोभनीय टिप्पणियां की गई हैं, जिसकी कड़ी निंदा करता हूं। आजादी के बारे में जेएनयू में जो अशोभनीय नारे लगाये गये थे, उस बारे में भी इस वेब सीरीज के माध्यम से चित्रण कर साजिश की गई है। 

पूनियां ने कहा कि इस वेब सीरीज के माध्यम से देश में सनसनी फैलाने की, सस्ती लोकप्रियता की और अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में गलत परोसने की जो परंपरा चली थी इसके माध्यम से की जा रही है, यह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक है कि इस वेब सीरीज में जो चीजें दिखाई गई हैं, वह आपत्तिजनक है, मुझे लगता है कि इस मामले में सरकार की तरफ से इंटरवेंशन की जरूरत है, जिससे भविष्य में भी इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति नहीं हो। इस वेब सीरीज में साफ दिखाई देता है लोगों को जाति, धर्म, पंथ में बांटकर विद्वेष फैलाने की ओछी हरकत है। 

डॉ. पूनियां ने कहा कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं से ईष्र्या करने वाले इस तरह के लोग सनसनी फैलाकर भारत के लोकतंत्र, निर्वाचित सरकार के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं, जो निंदनीय है।

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