भारतीय जीवन बीमा निगम के राष्ट्रीयकरण का शानदार 65वां वर्ष

 


अजमेर। ऑल इंडिया इन्शुरेंस एम्प्लॉईस एसोशिएशन के आहवान पर मंगलवार को भोजनवकाश के दौरान बीमा कर्मियों ने मानव श्रंखला बनाकर 65वां राष्ट्रीयकरण दिवस मनाया साथ ही इस अवसर पर अजमेर मण्डल की समस्त 20 शाखाओं में भी 65वां राष्ट्रीयकरण दिवस बनाकर आम जनता को बीमा के राष्ट्रीयकरण के बारे मे संदेश दिया गया। 

इस अवसर पर मण्डल सचिव सुनीत पुट्टी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की एलआईसी कर्मचारियों के लिए 19 जनवरी ऐतिहासिक महत्व का दिन है। साढ़े छह दशक पहले 19 जनवरी, 1956 को भारत की तत्कालीन सरकार ने अध्यादेश लाकर 154 भारतीय बीमा कंपनियोंए 16 विदेशी बीमाकर्ताओं और 75 भविष्य निधि समितियों का प्रबंधन संभाला था। अध्यादेश का प्रचार जीवन बीमा के राष्ट्रीयकरण की दिशा में पहला और प्रारंभिक कदम था। 20 जनवरी 1956 तक, सभी जीवन बीमा कंपनियों को भारत सरकार द्वारा नियुक्त 42 संरक्षक द्वारा ले लिया गया था। इसलिए 19 जनवरी भारतवर्ष में एलआईसी के कर्मचारियों के लिए न केवल बहुत लोकप्रिय है बल्कि यह हमारे विश्वास और प्रतिबद्धता को दृढ़ करने का एक दिन है, और एलआईसी की रक्षा के लिए नए जोश के साथ आगे बढ़ने का एक दिन है। 

आज जीवन बीमा निगम देश का राष्ट्रीयकृत सबसे बड़ा सशक्त वितीय संस्थान है। उन्होंने कहा कि बीमा के राष्ट्रीयकरण का विचार वास्तव में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना का एक अभिन्न अंग था। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष संदीप भार्गव, वीरेंद्र यादव, उमेश उप्धयाय,तारण सिंह बगग, संजीव खन्ना, मोहन सतवानी, नरेश रावलानी, प्रदीप कृपलानी, अमित माथुर, मधु खंडेलवाल, गीता कोडवानी, मीना टिलवानी,हेमा टहलियानी, सूर्या कुमार पांडे, राजेंद्र अगरवाल, अनिल शर्मा आदि उपस्थित थे। 

यह खबर भी पढ़े: कंगाल पाकिस्‍तान का प्‍लेन मलेशिया ने किया जब्‍त, दो द‍िन जमीन पर सोने को मजबूर हुए भूखे यात्री

From around the web