राजस्थान में अबतक 5912 पक्षियों की मौत, भीलवाड़ा जिले की जांच रिपोर्ट का इंतजार

 


जयपुर। राजस्थान पक्षियों की असामयिक मौतों का सिलसिला रूक नहीं पा रहा है। राज्य में बुधवार को 153 पक्षियों की मौत हुई। इन्हें मिलाकर अब तक राज्य में 5912 पक्षी असमय काल का ग्रास बन चुके हैं। राजस्थान के 33 में से 27 जिलों के 267 नमूनों में से अब तक 17 जिलों के 67 नमूनों में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी हैं। भोपाल की रेफरल लैब से अब तक सिर्फ भीलवाड़ा जिले से भेजे गए 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की जद में अब तक 17 जिले राजधानी जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, पाली, सिरोही, कोटा, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़़, टोंक, करौली, प्रतापगढ़, झुंझुनूं व भीलवाड़ा आ चुके हैं। भोपाल की रेफरल लैब से इन जिलों में मृत पाए गए पक्षियों के सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू का संक्रमण माना जा चुका हैं। समय रहते पशुपालन विभाग ने एहतियातन कदम उठाए और सभी जिलों में अपने नेटवर्क को सक्रिय किया, इसलिए संक्रमण कुछ जिलों तक ही फैल पाया।

पक्षियों की असामान्य मौतों का सिलसिला सर्वप्रथम राज्य के झालावाड़ जिले में प्रारंभ हुआ था। यहां कौओं की असामयिक मौतों के बाद विभिन्न जिलों में पक्षियों की मौतें होने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। प्रदेश में 25 दिसम्बर से लेकर बुधवार तक 5912 पक्षी असामयिक मौत के शिकार हो चुके हैं। इनमें 4172 कौएं, 323 मोर, 464 कबूतर तथा 953 अन्य पक्षी शामिल है। प्रदेश में मंगलवार शाम तक 153 पक्षियों की मौतें हुई थी, विभाग ने इसकी रिपोर्ट बुधवार को जारी की है। इनमें 93 कौएं, 8 कबूतर, 21 मोर तथा 31 अन्य पक्षी शामिल हैं। रेफरल लैब से राज्य के 7 जिलों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी हैं। इनमें सीकर, भीलवाड़ा, भरतपुर, चूरु, श्रीगंगानगर, जोधपुर व जालोर जिला शामिल हैं।

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