जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के साथ खुला 5 लाख भारतीयों के अमेरिका में नागरिकता का रास्ता

 


वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठते ही जो बाइडेन के पहले ही दिन ताबड़तोड़ लिए फैसलों में मुस्लिम ट्रैवल बैन से लेकर क्लाइमेट चेंज समझौते वाले फैसले को पलटकर रख दिया। वहीं बाइडेन के एक फैसले से अमेरिका में कानूनी दर्जे के बिना रह रहे करीब 1 करोड़ 10 लाख लोगों के लिए नागरिकता का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे 5 लाख भारतीय लोगों को फायदा होगा। राष्ट्रपति बाइडन देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रवासियों पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को पलटने के लिए नागरिकता संबंधी विधेयक पेश करने की योजना बना रहे हैं।

जो बाइडेन ने अमेरिका में कानूनी दर्जे के बिना रह रहे करीब 1 करोड़ 10 लाख लोगों के लिए नागरिकता का मार्ग तैयार करने को लेकर कदम बढ़ाया है, इससे भारत के करीब 5 लाख लोगों को फायदा होगा। बाइडेन ने जल्द ही कांग्रेस में एक आव्रजन सुधार कानून पारित कराएंगे, जिसके तहत 5 लाख से अधिक भारतीयों समेत लगभग एक करोड़ 10 लाख ऐसे अप्रवासियों को अमेरिका की नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं।

जो बाइडन ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा दीवार पर काम रोकने और कई मुस्लिम देशों से लोगों के आगमन पर लगा प्रतिबंध हटाने समेत ट्रंप की कुछ आव्रजन नीतियों को पलटने के लिए पहले ही शासकीय आदेश जारी कर दिए हैं। प्यूर्तो रिको में 'स्थायी संरक्षित दर्जे के साथ रह रही अल सल्वाडोर की यानिरा एरियस ने कहा कि यह विधेयक प्रवासियों के अंतत: अमेरिकी बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

एरियस ने कहा, 'यह प्रवासियों के लिए अमेरिका में अधिक आशावादी भविष्य का मार्ग दिखाता है, लेकिन यह संसद, विशेषकर सीनेट पर निर्भर करता है। फ्लोरिडा में रहने वाली ओफेलिया अगुइलर ने कहा कि उन्हें प्रवासी सुधारों की संभाहवनाओं के बारे में कभी इतनी आशा नहीं थी। अगुइलर जब मेक्सिको से 1993 में अमेरिका आई थीं, तब वह गर्भवती थीं और अकेली थीं।

राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर बाइडन ने आव्रजन पर ट्रंप के कदमों को अमेरिकी मूल्यों पर कठोर हमला करार दिया था और कहा था कि वह इस नुकसान की भरपाई करेंगे। इस विधेयक के तहत एक जनवरी 2021 तक अमेरिका में किसी कानूनी दर्जे के बिना रह रहे लोगों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी और अगर वे कर जमा करते हैं और अन्य बुनियादी अनिवार्यताएं पूरी करते हैं, तो उनके लिए पांच साल के अस्थायी कानूनी दर्जे का मार्ग प्रशस्त होगा या उन्हें ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। इसके बाद उन्हें तीन और साल के लिए नागरिकता मिल सकती है।

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