CWC बैठक में अहमद पटेल और तरुण गोगोई को दी श्रद्धांजलि, उनके योगदान को किया याद

 


नई दिल्ली। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की आज (शुक्रवार को) हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और तरुण गोगोई के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में डिजिटल तरीके से हुई इस बैठक में दो प्रस्ताव भी पारित किए गए। प्रस्ताव में कांग्रेस एवं सार्वजनिक जीवन में पटेल और गोगोई के योगदान को याद किया गया।

सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में पटेल के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा गया कि करीब चार दशक तक पटेल कांग्रेस संगठन का अभिन्न हिस्सा रहे। उन्होंने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता, गुजरात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, सीडब्ल्यूसी के सदस्य, कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) के राजनीतिक सचिव और पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर योगदान दिया।

कांग्रेस की शीर्ष नीति-निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी के मुताबिक, अहमद पटेल अपनी जिम्मेदारियों को समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ करते थे। उन्होंने पार्टी हित को हमेशा सबसे ऊपर रखा। पार्टी के अंदर नेताओं और सहयोगी दलों को आपस में बाधें रखने तथा सहमति बनाने के उनके कौशल के कारण ही वर्ष 2004 से 2014 तक कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार सफलतापूर्वक अपने कार्य को पूरा कर सकी।

सीडब्ल्यूसी ने अहमद पटेल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का मार्गदर्शन करने के सफर में सीडब्ल्यूसी कर्तव्य और अनुशासन की भावना के साथ आगे बढ़ेगी। अहमद भाई भी यही चाहते कि इसी तरह से हमारा कामकाज चले। वह निजी महत्वाकांक्षा से इतर सिर्फ पार्टी एजेंडा पर ही चलते रहे। वह धार्मिक होकर भी मूलरूप से धर्मनिरपेक्ष थे।

वहीं, असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए सीडब्ल्यूसी ने कहा कि ‘गोगोई असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के सबसे कद्दावर नेता थे। वह चार दशक तक इस क्षेत्र, इसके लोगों और उनकी अकांक्षाओं के लिए विश्वसनीय आवाज बने रहे। उनके नेतृत्व में असम सांप्रदायिक सौहार्द और विकास का आदर्श बन गया।’

प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि असम के सबसे मुश्किल दौर में तरुण गोगोई ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। 1985 के असम समझौते को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने असम को एक आधुनिक प्रदेश में तब्दलील कर दिया। कई उग्रवादी संगठनों को हथियार त्यागने और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार करने में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार पटेल का 25 नवम्बर को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। पटेल 71 साल के थे। जबकि असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का 23 नवम्बर को 84 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह भी कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे।

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