तेलुगु भाषाई राज्यों में दो हेल्थ वर्करों की संदिग्ध मौत, दी गई थी वैक्सीन की डोज

 


हैदराबाद। तेलंगाना के वरंगल जिले के शायमपेट अंगनवाड़ी केंद्र में कार्यरत हेल्थ वर्कर की टीका लगने के बाद मृत्यु होने का मामला सामने आया है। हेल्थ वर्कर वनीता ने 22 जनवरी को वैक्सीन की डोज दी गई थी। परिजनों का कहना है कि वैक्सीन के टीके के कारण वनीता की मौत हुई है जबकि डॉक्टर ये निर्धारित नहीं कर पाए हैं कि इसकी मौत कोरोना वैक्सीन के कारण हुई।

उधर, तेलंगाना की सार्वजनिक स्वास्थ्य निर्देशक श्रीनिवास राव ने अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। बता दें कि बीते हफ्ते निर्मल में एंबुलेंस ड्राइवर विट्ठल राव की कोरोना टीका लगवाने की बाद मौत हो गई थी। हालांकि कोविड का टीका से मौत होने की पुष्टि अभी तक हो नहीं पाई है।

इसी तरह पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के गुंटुर जिले के एक सरकारी अस्पताल में रविवार को एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो गई। कोरोना वायरस का टीका लगवाने के तीन दिन बाद 22 जनवरी को 44 वर्षीय आशा कार्यकर्ता ने सिर में दर्द और बुखार की शिकायत की थी। गुंटुर जिले के जिलाधिकारी सैम्युअल आनंद ने कहा कि आशा कार्यकर्ता की मौत की वास्तविक वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि गत आठ दिनों में 10,099 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।  उधर, गुंटूर हॉस्पिटल में टीकाकरण प्रतिकूल प्रभावित आठ स्वास्थ्यकर्मी को भर्ती थे जिन्हे आज इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया।

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