सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर दायर पुनर्विचार याचिकाएं खारिज की

 


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार की अनिवार्यता को लेकर दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली ने बेंच ने 4-1 के बहुमत से पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करने का आदेश दिया। जिन जजों ने पुनर्विचार याचिकाएं खारिज की, उनमें जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस बीआर गवई शामिल हैं। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बहुमत के फैसले से असहमति जताते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाओं को तब तक लंबित रखा जाना चाहिए जब तक बड़ी बैंच रोजर मैथ्यू मामले में रेफर किए गए सवालों का जवाब न दे दे। 

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने 26 सितम्बर 2018 को 4-1 के बहुमत से आधार की संवैधानिकता को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बैंक खातों और मोबाइल कनेक्शन के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत बैंक खातों को आधार से लिंक करने संबंधी संशोधन को निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य करने का आदेश दिया था।

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