जोधपुर के आसमां में गूंजी राफेल की गुर्राहट

 


जोधपुर। भारतीय वायुसेना और फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स का संयुक्त युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट-21 बुधवार को जोधपुर वायुसेना एयरबेस पर शुरू हो गया। फ्रांसीसी एयरफोर्स की करीब 175 सदस्यों की टीम इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने जोधपुर पहुंची है। शुरुआत में दोनों देशों के वायुसैनिकों ने एक दूसरे से शिष्टाचार मुलाकात की। फ्रांस की वायुसेना अपने साथ चार राफेल विमान लेकर आई जो भारतीय राफेल के साथ मिलकर युद्ध कौशल व रणनीति पर एक दूसरे के साथ सामंजस्य व सहयोग करेंगे।

पांच दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के लिए फ्रेंच एयरफोर्स के सदस्यों का दल मंगलवार देर रात फ्रेंच ए-400 एम टेक्नीकल एयर क्राफ्ट से जोधपुर पहुंच गया था। फ्रेंच टीम के साथ फाइटर जेट राफेल के अलावा एयर बस ए-330 मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट, ए-400 एम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं। भारतीय वायु सेना की तरफ से जोधपुर में तैनात सुखोई-30 लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन के अलावा अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से चार राफेल लड़ाकू विमान, मिराज-2000, आईएल-78 फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और अवाक्स एयरक्राफ्ट इस युद्धाभ्यास में भाग लेंगे। भारतीय वायुसेना का सामान लेकर बीती रात मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। 

यह युद्धाभ्यास 24 जनवरी तक चलेगा। जुलाई, 2020 में भारत को फ्रांस से 5 राफेल लड़ाकू विमानों का पहला जत्था मिला था जिन्हें 10 सितम्बर को वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। भारत में होने वाले किसी युद्धाभ्यास में भारतीय राफेल विमान पहली बार शामिल हो रहे हैं। फ्रांस ने भारत के राफेल विमानों को भारतीय एयरफोर्स की जरूरत के अनुसार तैयार किया है। ऐसे में दोनों देशों के राफेल विमानों के मध्य युद्धाभ्यास से दोनों देशों के फाइटर पायलट एक दूसरे के साथ युद्ध कौशल, युद्ध क्षमता, नई रणनीति, तकनीकी ज्ञान, ऑपरेशनल प्रिपरेशन, अटैकिंग, स्पीड जैसे क्षेत्रों में तालमेल बैठाएंगे।

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