विश्व एड्स दिवस पर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने वेबिनार का किया आयोजन

 


पटना। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि एड्स जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए एचआईवी-एड्स के लिए नाको ने राष्ट्रीय कार्यनीति योजना (एनएसपी) (2017-2024) तैयार की है। इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने में संगठन का कार्य सराहनीय है।

मंगलवार को अश्विनी कुमार चौबे विश्व एड्स दिवस पर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की ओर से आयोजित वेबिनार को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एनएसपी एड्स मुक्त भारत के लिए संदर्भ विशिष्ट साक्ष्य के आधार पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुकूल एक सुदृढ़ ढांचा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि हमारा बुनियादी लक्ष्य 'तीन शून्यों' में समाहित है, जिसका अर्थ है- शून्य नया संक्रमण, शून्य एड्स संबंधित मौतें तथा शून्य कलंक एवं भेदभाव। वर्तमान कोविड-19 की स्थिति हम सभी के लिए एक चुनौती है। स्वयं को और अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य के प्रति इस संकट में नाको अपना अथक प्रयास कर रहा है। जनता तक अपनी पहुंच बनाने के लिए राष्ट्रीय टॉल फ्री एड्स हेल्पलाइन 1097 को अधिक सक्रिय बनाया गया है। एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए सामाजिक संरक्षण लाभों का विस्तार नाको ने किया है। साथ ही एचआईवी पीड़ित समुदाय कई सामाजिक संरक्षण लाभों तथा हकदारियों से लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बीमारी की जल्द पहचान और इलाज की बदौलत एचआईवी पॉजिटिव लोग लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं और अच्छी ज़िंदगी जी सकते हैं। वेबिनार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव राजेश भूषण, अपर सचिव एवं महानिदेशक, नाको एवं एनटीईपी आरती आहूजा, संयुक्त सचिव, नाको आलोक सक्सेना, कार्यकारी मिशन निदेशक यूएसएआईडी  रमोना एमएल हमज़ोई, भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच. ऑफरिन, यूएन एड्स, कंट्री निदेशक डॉ. बिलाली कमारा आदि वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

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