स्किल इंडिया से भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने का मिशन: महेन्द्र नाथ पांडे

 


नई दिल्ली। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने रोजगार कौशल के साथ युवाओं को सशक्त बनाने के लिए आज प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 का शुभारंभ किया। इसके तहत लगभग 600 जिलों में युवाओं के लिए 300 से ज्यादा कौशल कार्यक्रम चलाए जायेंगे।कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने शुक्रवार को वर्जुअल माध्यम से योजना की शुरुआत की। इसमें मंत्रालय में उनके सहयोगी मंत्री आरके सिंह भी उपस्थित थे।

मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के उद्देश्य से पीएमकेवीवाई 3.0 को वैश्विक और स्थानीय दोनों स्तरों पर बदलती मांगों के साथ बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 717 जिलों, 28 राज्यों  व आठ केंद्र शासित प्रदेशों में लॉन्च की गई पीएमकेवीवाई आत्मनिर्भार भारत की ओर एक और कदम है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि सही मार्गदर्शन व प्रशिक्षण पाकर युवा न केवल कार्यदक्ष बनेंगे बल्कि उद्योग भी लगाएंगे जिससे देश की प्रगति होगी।  यह प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है कि आज स्किल इंडिया मिशन द्वारा हम तेजी से भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने की ओर अग्रसर हैं।

लॉन्च कार्यक्रम में कौशल राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा कि हमारे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने में स्किलिंग की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकारों से निवेदन भी किया कि उद्योगों की मांग के आधार पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कौशल की कमी को कम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि पीएमकेवीवाई 3.0 योजना का लक्ष्य वित्त-वर्ष 2020-2021 में 8 लाख से अधिक उम्मीदवारों को लाभान्वित करना है। योजना के अंतर्गत मौजूदा कार्यबल की उत्पादकता को बढ़ाने और युवाओं की स्किलिंग, अप-स्किलिंग और री-स्किलिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाणित अभ्यर्थी को 2 लाख रुपये का 3 वर्षीय आकस्मिक बीमा (कौशल बीमा) भी दिया जाएगा। इस योजना में सभी अभ्यर्थियों को कौशल भारत मिशन के तहत प्रमाणन भी मिलेगा।

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