Live Updates/ट्रैक्टर रैली पर आज भी नहीं बनी बात, अब सरकार के प्रस्ताव पर मंथन करेंगे किसान संगठन

 


नई दिल्ली। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 56वां दिन है। किसानों के इस शांत आंदोलन की ‘ताकत’ भी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड की परवाह किए बिना हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से किसानों के जत्थे रसद के साथ लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इस बीच बुधवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में किसानों और केंद्र सरकार के बीच 10वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। सरकार और किसान संगठनों के बीच अगली बातचीत 22 जनवरी को होगी। 

इस बीच आज ट्रैक्टर रैली पर किसानो और पुलिस के बीच बात नहीं बनी है। किसान नेता प्रोफेसर दर्शनपाल ने ट्रैक्टर रैली को लेकर हुई बैठक के बाद कहा कि, बैठक में दिल्ली पुलिस ने कहा कि आउटर रिंग रोड पर अनुमति देना मुश्किल है और सरकार भी इसके लिए तैयार नहीं है। लेकिन हमने कह दिया है कि हम रिंग रोड पर ही रैली करेंगे। फिर उन्होंने (पुलिस) कहा कि ठीक है हम देखते हैं। कल हमारी पुलिस के साथ फिर बैठक होगी। वहीं, किसान संगठन अब सरकार के प्रस्ताव पर मंथन करेंगे। 

इस बैठक में केंद्र सरकार ने 1.5-2 साल तक कृषि कानून को निलंबित रखने का प्रस्ताव दिया था। इसके साथ ही सरकार ने कानून को स्थगित करने के साथ ही एक समिति बनाने का भी प्रस्ताव दिया, जिसमें किसान और सरकार दोनों के प्रतिनिधि होंगे। पर किसानों को यह मंजूर नहीं था। 

गौरतलब है कि किसान कानून वापस लेने पर अड़े हुए है। बुधवार को सरकार के दोनों प्रस्तावों को अस्वीकार करने के बाद आगे की रणनीति बनाने के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। किसान नेताओं ने सरकार के साथ किसान नेताओं की 10वें दौर की वार्ता के बाद कहा हम 500 किसान संगठन हैं, गुरूवार को हम सबसे चर्चा करके 22 जनवरी को अपना जवाब देंगे। 

गौरतलब है कि अब तक किसान संगठनों की सरकार के साथ 10 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 20 जनवरी की वार्ता भी बेनतीजा रही है। गौरतलब है कि आंदोलनकारी किसान 28 नवंबर से दिल्ली की बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। साथ ही किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करने का ऐलान किया है। 

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