Live Updates/सुप्रीम कोर्ट की समिति पर विवाद जारी, किसानों ने अब उठाई ये बड़ी मांग

 


नई दिल्ली। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 52वां दिन है। किसानों के इस शांत आंदोलन की ‘ताकत’ भी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड की परवाह किए बिना हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से किसानों के जत्थे रसद के साथ लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इस बीच किसानों और सरकार के बीच मामले के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई समिति का किसान लगातार विरोध कर रहे है। 

इस बीच एक किसान संगठन ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए बनाई गई समिति से शेष तीनों सदस्यों को हटाया जाए और ऐसे लोगों को उसमें रखा जाए जो ‘परस्पर सौहार्द के आधार पर’ काम कर सकें। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने कहा कि यह न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होगा क्योंकि चार सदस्यीय समिति में जिन लोगों को नियुक्त किया गया है ‘उन्होंने इन कानूनों का समर्थन किया है।’ 

Live Updates/सुप्रीम कोर्ट की समिति पर विवाद जारी, किसानों ने अब उठाई ये बड़ी मांग

इसके साथ ही एक हलफनामे में संगठन ने केंद्र सरकार की एक याचिका को भी खारिज करने की मांग की है, जिसे केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस के मार्फत दायर कर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च या किसी अन्य प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी और शिकायतों को सुनने तथा गतिरोध के समाधान पर अनुशंसा करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति में भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान के दक्षिण एशिया के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घानावत शामिल हैं। हालांकि मान ने 14 जनवरी को खुद को समिति से हटा लिया था। 

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