यात्री की जान बचाने वाले सीआईएसएफ जवान से मिलेंगे गृहमंत्री शाह

 
यात्री की जान बचाने वाले सीआईएसएफ जवान से मिलेंगे गृहमंत्री शाह


नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीते दिनों एक यात्री की जान बचाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की प्रशंसा करते हुए उससे मिलने की इच्छा जताई है।

शाह ने शुक्रवार को एक वीडियो ट्वीट कर कहा, “मातृभूमि और मानवता की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों पर गर्व है। मैंने सीआईएसएफ के महानिदेशक से इस बहादुर और सतर्क जवान से मिलने की इच्छा जताई है।”

दरअसल, सीआईएसएफ मुख्यालय ने अपने ट्वीटर हैंडल पर 18 जनवरी को एक वीडियो साझा किया है। यह वीडियो दिल्ली के डाबरी मोड़ मेट्रो स्टेशन का है। इसमें एक यात्री मेट्रो में यात्रा करने से पहले सुरक्षा जांच से गुजर रहा था कि इसी दौरान उसे हार्टअटैक आ गया। मौके पर मौजूद जवान ने सतर्कता और सूझबूझ का परिचय देते हुए यात्री को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। यात्री का नाम सत्यनारायण है। बाद में यात्री ने अपनी जान बचाने के लिए सीआईएसएफ का आभार जताया। गृहमंत्री शाह ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने यह वीडियो अभी देखा है और उन्हें सीआईएसएफ के उस बहादुर जवान पर गर्व है।

क्या है सीपीआर?
कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन (सीपीआर) एक तकनीक है जो कई आपात स्थितियों में उपयोगी है। इसमें दिल का दौरा आना या पानी में डूबना शामिल है। ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक गई है तो इस विधि का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त प्रवाह को तब तक सुचारू रखा जा सकता है, जब तक की उपयुक्त चिकित्सा सहायता और उपचार उस व्यक्ति को नहीं मिल जाता। दिल का दौरा, पानी में डूबने की स्थिति में जब दिल बंद हो जाता है, तो ऑक्सीजन युक्त रक्त की कमी से केवल कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क की क्षति हो सकती है और व्यक्ति आठ से 10 मिनट के भीतर मर सकता है।

यह खबर भी पढ़े: उम्मीद उदयपुर की/ जनवरी 2022 तक उदयपुर-अहमदाबाद ब्राॅडगेज पर दौड़ेगी रेलगाड़ी

 

From around the web