किसानों के प्रति सरकार असंवेदनशील, जल्दबाजी में बनाया गया कानून : सोनिया

 


नई दिल्ली। कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की शुक्रवार को हुई बैठक में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद 29 मई को संगठनात्मक चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किसान आंदोलन पर असंवेदनशीलता और अर्नब गोस्वामी के व्हाट्सऐप चैट लीक मामले को लेकर सरकार को निशाने पर लिया है।

सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील है। जिस तरह से किसानों से बातचीत के नाम पर लगातार तारीख और वार्ता का दौर बढ़ाया जा रहा है वह सिर्फ टालने की प्रक्रिया है। इस व्यवहार से सरकार का अहंकार प्रत्यक्ष दिखने लगा है। यह भी स्पष्ट है कि कृषि कानून जल्दबाजी में बनाए गए और संसद को इनके प्रभावों का आकलन करने तक का अवसर नहीं दिया गया, जो गलत है।

सोनिया गांधी ने किसानों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर हैरान करने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर संसद का बजट सत्र शुरू होना है, जिसमें जनहित के कई मुद्दों पर चर्चा की जानी है। ऐसे में देखना होगा क्या सरकार किसानों के मामले पर सहमत होगी।

वहीं व्हाट्सऐप चैट लीक मामले पर रिपब्लिक टीवी के सम्पादक अर्नब गोस्वामी की आलोचना करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि हाल ही में हमने बहुत ही परेशान करने वाली खबरें देखीं कि किस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। इन चैट्स में बालाकोट में की गई सैन्य कार्रवाई से भी जुड़ी जानकारियां थीं, जिसकी जानकारी अर्नब को पहले से थी। ऐसे में इन मामलों की जांच की जानी आवश्यक है।

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