ममता सरकार को चुनाव आयोग ने दी चेतावनी- कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

 
ममता सरकार को चुनाव आयोग ने दी चेतावनी- कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं


कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार को राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर चेतावनी दी है। आयुक्त ने चुनाव से पहले राज्य में केन्द्रीय सुरक्षा बल तैनात करने और स्थानीय पुलिस के सहयोग से विधानसभा चुनाव कराने का संकेत दिया है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में आसन्न विधानसभा चुनाव से पहले राज्य प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेने मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग का एक दल तीन दिन से कोलकाता में था। तीन दिवसीय दौरा पूरा कर शुक्रवार शाम को दिल्ली लौटने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को स्पष्ट तौर पर बता दिया गया है कि कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदान के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले ही पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती हो जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के पास पर्याप्त संख्या में सेंट्रल फोर्स नहीं है, इसलिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ ही मिलकर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

  
सिविक वॉलिंटियर का नहीं होगा प्रयोग
मुख्य चुनाव आयुक्त अरोड़ा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मतदान प्रक्रिया में सिविक वोलेंटियर या ग्रीन पुलिस वालंटियर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा बाइक रैली पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

बिहार मॉडल पर होगा चुनाव
कोविड-19 महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग ने बिहार की तरह स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्णय लिया है। इस बारे में अरोड़ा ने कहा कि बिहार में हुए मतदान को उदाहरण के तौर पर देखते हुए राज्य में वोटिंग की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव के समय रुपये का लेन देन अथवा सत्ता का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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