डॉ. हर्षवर्धन ने 7वें मासकरेड-2021 का किया उद्घाटन, अवैध उत्पादों की वृद्धि में आएगी कमी

 


नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 7वें तस्करी और जाली व्यापार के खिलाफ अभियान (मासकरेड-2021) का गुरुवार को उद्घाटन किया। इसका आयोजन फिक्की ने किया था। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 7वां मासकरेड नवाचार नीति समाधानों पर विचार और चर्चा करेगा, जिनसे नकली, तस्करी वाले और अवैध उत्पादों में वृद्धि में कमी आएगी। 

डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि मासकरेड का उद्देश्य विशेष रूप से जाली व्यापार और तस्करी के लेन-देन की चुनौतियों में कमी लाने के लिए नई और व्यावहारिक रणनीतियों पर स्वस्थ चर्चा करना है। इनमें से प्रमुख रूप से जागरुकता विकसित करने पर फोकस किया जाना चाहिए। कोरोना महामारी ने हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर अद्वितीय बोझ डाला है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले पक्ष स्वास्थ्य सेवाओं को रोगियों की पहुंच तक लाने के लिए वर्तमान मॉडल को नया रूप दे रहे हैं। 

अवैध दवाओं पर काबू पाने के सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने अवैध दवाओं पर काबू पाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। द ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 का ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अमेन्डमेंट एक्ट 2008 के तहत संशोधन किया गया था। इस अधिनियम के अंतर्गत यदि कोई दवा मिलावटी या अवैध पाई जाती है तब उल्लंघनकर्ता को कैद की सज़ा दी जा सकती है, जो 10 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत अपराधों के तेजी से मुकदमे चलाने के लिए विशेष न्यायालय स्थापित किए गए हैं। अच्छी तरह विकसित कानून ढांचे और महत्वपूर्ण शिक्षा प्रयासों से सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरनाक नकली और तस्करी वस्तुओं से बचाने के कदम उठाए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' आह्वान को दोहराते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के आह्वान हमारे समक्ष कई चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकते हैं। अब जब भारत सशक्त स्वदेशी ब्रांड विकसित करने की शुरुआत कर रहा है और धीरे-धीरे विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम कर रहा है तो तस्करों और जाली व्यापार करने वालों के मुनाफाखोरी के मार्ग शीघ्र सीमित बन जाएंगे। अवैध सामान की पहचान और उत्पादकों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कानून प्रवर्तक एजेंसियां अधिक प्रभावी बनेंगी। इसलिए वोकल फॉर लोकल अवैध व्यापार के खिलाफ हमारे संघर्ष में अत्यंत सक्षम औजार होगा।

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