नौसेना दिवस पर रक्षा मंत्री बोले- समुद्रों को सुरक्षित रखने में नौसेना सबसे आगे

 


नई दिल्ली। नौसेना दिवस पर​ शुक्रवार को ​​​​राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ​तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने ​​​​​पुष्पांजलि अर्पित कर​के युद्ध के मैदानों में शहीद हुए वीरों को ​याद किया।​ रक्षा ​मंत्री राजनाथ सिंह​ ने भी भारतीय नौसेना की वीरता, साहस और व्यावसायिकता को सलाम​ किया​। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना दिवस पर इस उत्कृष्ट बल के सभी कर्मियों को मेरी शुभकामनाएं।​ ​भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करके हमारे ​​समुद्रों को सुरक्षित रखने में सबसे आगे है। मैं उनकी वीरता, साहस और व्यावसायिकता को सलाम करता हूं।​

थल सेनाध्यक्ष​ ​जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, नौसेना प्रमुख ​एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना के प्रमुख ​एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया​ आज​ सुबह इंडिया गेट स्थित ​राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ​पहुंचे और ​पुष्पांजलि अर्पित​ करके शहीद वीरों को श्रद्धांजलि ​दी​​​। नौसेना प्रमुख ​एडमिरल करमबीर सिंह​ ने कहा कि नौसेना दिवस पर हम भारतीय नौसेना की राष्ट्र सेवा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और अपनी समुद्री सुरक्षा एवं क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने की दिशा में फिर से पुष्टि करते हैं​​।

पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में जीत हासिल करने की ख़ुशी में हर साल 4 दिसम्बर को मनाया जाने वाला नौसेना दिवस इस बार कोरोना का शिकार हो गया है। इसलिए भारतीय नौसेना ने इस साल का नौसेना दिवस ​एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य पर मनाने का फैसला लिया है। नौसेना ने आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल लांच करके देशवासियों को अपने मोबाइल फोन के जरिए वर्चुअल टूर करने का मौका दिया है। अगले साल यानी 2021 में पाकिस्तान पर विजय के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इसलिए इस साल से ही भारत की तीनों सेनाएं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना ‘स्वर्णिम-विजय वर्ष’ मना रही हैं​​।​

नौसेना दिवस पर आज ​चेन्नई में वार मेमोरियल पर​ ​तमिलनाडु और पुदुचेरी नेवल एरिया​ के ​कमांडिंग ​फ्लैग ऑफिसर​ ​​रियर ​​एडमिरल पुनीत चड्ढा और ​तीनों सेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने​​ ​माल्यार्पण किया।​ कोच्चि में​ वाइस ​​​​एडमिरल​ एके चावला​ ने नौसेना युद्ध स्मारक पर​ राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नौसैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित​​​​ की​​​।​ पश्चिमी कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने सेना सेवा कोर अल्ट्रा मैराथन को वीर स्मृति युद्ध स्मारक चंडी मंदिर​, जम्मू से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक​, ​दिल्ली के लिए रवाना किया। ​भारतीय सेना​ की कोणार्क कोर ​ने ​​​स्वर्णिम विजय​ की याद में लेफ्टिनेंट मान सिंह​ के नेतृत्व में ​पिट्ठलाला राजस्थान के रास्ते पर ​171 किलोमीटर ​साइक्लोथॉन ​का आयोजन किया। ​

​इसके अलावा ​बाइसन डिवीज़न ने अपनी परिचालन तत्परता को मान्य करने और भारतीय नौसेना के साथ सहज तालमेल हासिल करने के लिए उभयचर अभ्यास किया। डिवीजन ​के जनरल ऑफिसर ​ने व्यायाम और गम्भीर भूमिका में चक्र योद्धाओं की तैयारियों की समीक्षा की।​​ ​कोणार्क कोर​ के ​जीओसी​ ​लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी​ ​ने कॉनकॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रूसिबल का उद्घाटन एआई लैब के साथ किया जिसका उद्देश्य लड़ाकू संबंधित परियोजनाओं को विकसित करना ​है।

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