मुख्यमंत्री योगी ने उप्र के 71वें स्थापना दिवस के चतुर्थ संस्करण के उद्घाटन समारोह को किया सम्बोधित

 


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक नए बदलाव के मोड़ पर आया है और उत्तर प्रदेश ने देश के अंदर अपने परसेप्शन को बदला है। आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक अपराध ग्रस्त या दंगा ग्रस्त प्रदेश के रूप में नहीं है। आज देश के अंदर उत्तर प्रदेश बेहतर कानून व्यवस्था के रूप में जाना जाता है। और अलग-अलग राज्यों में उत्तर प्रदेश के मॉडल को उतारने और उसको जानने की उत्सुकता भी रहती है। 

दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ 24 करोड़ जनता की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता 
मुख्यमंत्री रविवार को उत्तर प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के चतुर्थ संस्करण के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के आगे बढ़ने का कारण एक दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ 24 करोड़ जनता की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। इस प्रतिबद्धता के साथ पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करने का जज्बा है। उन्होंने कहा इस जज्बे ने प्रदेश के परसेप्शन को बदला है। इसने यहां भारी निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। निवेश ने रोजगार और नौकरी की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। 

पेशेवर के साथ खानदानी अपराधियों पर भी कसेंगे लगाम 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर हम लोगों का संकल्प ही यही है कि हम केवल पेशेवर अपराधियों और माफियाओं पर ही लगाम नहीं कसेंगे बल्कि पेशेवर और खानदानी अपराधियों पर भी लगाम कसने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन पेशेवर अपराधियों पर लगाम कसने का परिणाम है कि आज प्रदेश के अंदर निवेश की असीम संभावनाओं के साथ-साथ रोजगार की असीम संभावनाएं आगे बढ़ी है। 

रोजगार, स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार लाख युवाओं को हम सरकारी नौकरी उपलब्ध करा चुके हैं। वही 15 लाख नौजवानों को निजी क्षेत्र में जो निवेश हुआ है, उसके जरिए वहां पर नौकरियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों को निवेश के माध्यम से रोजगार और लगभग 15 करोड़ नौजवानों को स्वरोजगार के  लिए केन्द्र और प्रदेश की योजनाओं के साथ जोड़ने का कार्य लगभग पौने चार वर्ष में प्रदेश सरकार ने सफलतापूर्वक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर जो एक कार्य अलग-अलग क्षेत्रों में हुए हैं उसने एक नई कार्य संस्कृति को बढ़ाया है। और यह नई संस्कृति हर एक क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भता के मंत्र को अंगीकार करने कार्य कर रही है।

पहले अपने कार्यक्रमों को अपने नागरिकों के साथ जोड़ने में उप्र रहा विफल 
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के स्थापना दिवस को लेकर कहा कि हमें भारत की संस्कृति और उसकी गौरवशाली परम्परा पर गर्व की अनुभूति होती है। उत्तर प्रदेश देश का हृदय स्थल कहलाता है। भारत की संस्कृति, भारत की सभ्यता और भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का केन्द्र बिन्दु भी उत्तर प्रदेश रहा है। देश के अंदर हर एक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अग्रणी भूमिका के साथ निरन्तर कार्य किया है। लेकिन, यह प्रदेश अपनी स्थापना के साथ अपने कार्यक्रमों को, अपने नागरिकों के साथ जोड़ने का आयोजन आजादी के बाद से करने में विफल रहा। 

परम्परा और संस्कृति के गौरव की अनुभूति नहीं होने से हुआ भटकाव
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब भी समाज के जिम्मेदार लोगों के सामने अपनी परम्परा और संस्कृति के गौरव की अनुभूति करने का कोई भाव नहीं होता, जब भी समाज के लिए कुछ कर गुजरने की उत्सुकता नहीं होती तो समाज एक दिग्भ्रम की स्थिति में रहता है। उन्होंने कहा कि इसी दिग्भ्रम की स्थिति ने उत्तर प्रदेश को 70 वर्षों में भटकाव की हालत में पहुंचा दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब प्रदेश की जनता ने भाजपा को राज्य के अंदर भारी समर्थन दिया और सत्ता परिवर्तन करते हुए हमारी पार्टी की सरकार बनी तो तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने हम लोगों के सामने एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने तब कहा था कि देश के अधिकांश राज्य अपनी स्थापना दिवस के कार्यक्रम को पूरी भव्यता के साथ मनाते हैं। कार्यक्रमों के साथ कुछ नई योजनाओं को सामने रखकर उन कार्यक्रमों को आने वाली पीढ़ी के लिए एक नए अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं, क्या उत्तर प्रदेश ऐसा कर पाएगा। उन्होंने कहा कि जब कैबिनेट के सामने यह प्रस्ताव रखा गया तो कैबिनेट ने इसे सहर्ष अनुमति दी और 24 जनवरी 2018 को उत्तर प्रदेश की स्थापना का पहला आयोजन इसी स्थल पर हम सभी ने सम्पन्न किया। 

ओडीओपी योजना को केन्द्र ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि तब हम लोगों ने अभिनव योजना एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी)  यहां पर प्रारंभ की थी। यह योजना देश की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। आत्मनिर्भर भारत का आधार बनने का जज्बा रखने वाला यह कार्यक्रम आज देश में यूनियन बजट के अंदर भी अपना स्थान प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहा और प्रदेश के पहले इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से राज्य के अंदर की असीम संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपनी प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदेश सरकार को प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहीं दूसरे स्थापना दिवस के अवसर पर हमने अपने ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उन हस्तशिल्पियों, कामगारों की स्किल को भी मान्यता देने का कार्य किया, जिनके बगैर समाज की व्यवस्था को आगे बढ़ाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसके तहत विश्वकर्मा सम्मान की योजना हम लोगों ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के द्वितीय संस्करण में लॉन्च की थी।आज हम लोगों ने बहुत सारे ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को टूलकिट्स उपलब्ध कराएं हैं। 

उन्होंने कहा कि तीसरी स्थापना दिवस के संस्करण में हम लोगों ने यहां पर अटल आवासीय विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी करने का कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के रजिस्टर्ड श्रमिक और अनाथ बच्चों के लिए हर मंडल के मुख्यालयों पर हम लोग एक आवासीय विद्यालयों की श्रंखला खड़ी करेंगे। आज प्रदेश के 18 कमिश्नरी मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय का कार्य प्रारंभ हो रहा है और इस वर्ष हमारा प्रयास होगा कि उसमें सत्र प्रारंभ करें। जिससे प्रदेश के अंदर कोई भी बालक या बालिका अपने को असहाय, अनाथ नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी हम लोग कुछ अभिनव योजना प्रदेशवासियों के लिए लेकर आए हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के चतुर्थ संस्करण के कार्यक्रम के अवसर पर मैं राज्य के सभी 24 करोड़ नागरिकों को हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

विभिन्न क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लोगों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ करके दिखाने वालों इस मंच के जरिए सम्मानित करने का कार्य किया है। इन लोगों को हम सम्मान दे सके, यह हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विगत 10-11 महीनों से पूरा देश और दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना का सामना कर रही है। तब से अनुशासन और देश की मर्यादा का अनुसरण करते हुए हम वैश्विक महामारी से भी लड़ रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी के 'जान भी और जहान भी' के मंत्र को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इन परिस्थितियों में सभी प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए हमें गौरव की अनुभूति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखंड में भी हमारी इन प्रतिभाओं ने हिम्मत नहीं हारी और उसका परिणाम है कि इस मंच के माध्यम से हम लोगों ने उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि आज सबसे पहले खेल प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिसमें खेल के क्षेत्र में महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार और बालकों को लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित करने का कार्य किया गया। हमारे इन खिलाड़ियों ने प्रदेश को देश और दुनिया में एक नई पहचान दिलाने का कार्य किया है। 

इसके साथ ही सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग के जरिए भी लोगों को सम्मानित करने का कार्य किया गया। इसमें विश्वकर्मा सम्मान, माटी कला बोर्ड की योजनाओं को आगे बढ़ाकर वोकल फॉर लोकल की प्रधानमंत्री की संकल्पना को नई उड़ान देने का कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। टू​लकिट्स वितरित किए गए। एक जनपद एक उत्पाद के परंपरागत उद्यम से जुड़े कार्यक्रम और हस्तशिल्प को सम्मान देने का कार्य भी किया गया। खादी और ग्रामोद्योग विभाग द्वारा भी यहां पर एक कार्यक्रम किया गया। इलेक्ट्रिक चॉक, सोलर चाक उपलब्ध कराई गई। 

इसके साथ ही प्रदेश के अंदर युवा कल्याण विभाग द्वारा विवेकानंद यूथ अवार्ड और युवक मंगल महिला दल को भी इस मंच के माध्यम से सम्मान देने का कार्य हुआ है। इन युवाओं ने जीवन के अनेक क्षेत्रों में विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है और एक आदर्श अलग-अलग क्षेत्र में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही मिशन शक्ति के रूप में प्रदेश के अंदर जो कार्यक्रम चल रहे हैं इन कार्यक्रमों की श्रंखला में भी प्रदेश के अंदर जो कार्यक्रम हम लोगों ने अलग-अलग समय में चलाएं हैं, उसकी लघु झांकी बालिकाओं ने प्रस्तुत की दिव्यांग बालक बालिकाओं ने अपनी एक छोटी सी झांकी यहां प्रस्तुत की, उन्हें सम्मान देने का कार्य हुआ। 

वहीं कृषि विभाग ने भी कृषि की आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में जो पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश के अंदर कार्य हुआ, उसे जुड़े लोगों को सम्मानित किया। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के 1,43,929 छात्र छात्राओं की स्कॉलरशिप एक साथ यहां पर जारी की। मुख्यमंत्री ने कहा जिन लोगों को भी यहां आज पुरस्कार, सम्मान प्राप्त हुआ है, स्कॉलरशिप मिली है या जिन कलाकारों को इस मंच के माध्यम से अपनी कला को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है उन सभी को मैं हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

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