मुख्यमंत्री ने 45,391 गर्भवती एवं धात्री माताओं को अंतरित की 8.98 करोड़ रुपये की राशि

 


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेश के 44 जिलों में 501 आंगनबाड़ी भवनों एवं 12 वन स्टॉप सेंटर्स के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 26 हजार 99 बालिकाओं को छात्रवृत्ति के तहत 6 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि का ऑनलाइन अंतरण किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 45,391 गर्भवती एवं धात्री माताओं को 8.98 करोड़ रुपये की राशि का वितरण उनके खातों में किया।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजधानी भोपाल के मिंटो हाल में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित वर्चअल कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्यापूजन से की। उन्होंने किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा, जागरूकता, जानकारी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जोडऩे के लिए ''पंख अभियान'' की शुरुआत करते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत बालिकाओं को छात्रवृत्ति और मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को राशि भी अंतरित की। साथ ही प्रदेश के नवनिर्मित 501 ऑगनबाडी केन्द्रों और 12 वन स्टाप सेंटरों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं को सम्मानित भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शायराना अंदाज में कहा कि  ‘तोड़ लिये सब तारे मैंने, पंख लगाये हर सपने को। आसमान है पूरा मेरा, कहां समंदर मुझसे गहरा।।’ उन्होंने कहा कि आदि-अनादि काल से भारत की संस्कृति में हमने हमेशा बेटियों की पूजा की है। मेरा हर शासकीय कार्यक्रम बेटियों की पूजा के साथ शुरू होता है, सिर्फ इसलिये कि मैं ऐसी मानसिकता को दफन करना चाहता हूं जिसमे बेटियाँ पीछे हों। ये केवल मैंने नहीं किया, अनादि काल से भारत में होता आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आप मेरी खुशी का अंदाजा नहीं लगा सकते। वो बेटियां जिन्हे 2007 में गोद में ले कर मैंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के बचत पत्र दिये थे वो बेटियां आज 11वीं-12वीं में पढ़ रही है। मैं जिन बेटियों को गोद में लेकर खिलाया और आज वो बड़ी हो गई हैं। मुझे बहुत खुशी है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हितग्राहियों से संवाद भी किया। विदिशा की वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कृतिका व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि अभी तक यहां पर 1,872 विविध हिंसा से प्रभावित सखियों को सहायता दिलवाई। ऐसी सखियां जिन्हें जघन्य अपराध में त्वरित सहायता की आवश्यकता थी उन्हें परामर्श के साथ चिकित्सा, विधिक व पुलिस सहायता दिलाई।

हरदा की शौर्या दल की सदस्य सलोनी राठौड़ ने बताया कि मैं 3 साल से शौर्या दल से जुड़ी हूं। मेरे साथ 960 बहनें काम कर रही हैं, मैंने शौर्य दल के सभी प्रशिक्षण लिये हैं। मुझे मेरी मां से इसके लिये प्रेरणा मिली। मेरे माता-पिता इसमें पूरा सहयोग करते हैं। बालाघाट से शौर्या दल की सदस्य रितिका कावड़े ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुये बताया कि मैं इसी साल शौर्या दल से जुड़ी हूं। महिलाओं और बच्चियों के साथ जो अपराध होते हैं उसे रोकना चाहती हूं। महिलाओं को प्रोत्साहित करना चाहती हूं ताकि वो अपनी लड़ाई खुद लड़ सकें।

सतना जिले की 11वीं कक्षा की छात्रा आकांक्षा ने सीएम को बताया कि कोरोना काल में मैंने ऑनलाइन पढाई की। लाड़ली लक्ष्मी योजना मददगार है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से संवाद करते हुये 11वीं कक्षा में पढऩे वाली उज्जैन की बेटी कुमारी विधि शुक्ला ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना से हमें आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। इस साल के पाठ्यपुस्तक व ऑनलाइन कक्षा के लिये एक मोबाइल भी क्रय किया। मुख्यमंत्री ने बेटियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बेटियों से सांस्कृति कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुतियां भी दीं।

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