केंद्र ने कोरोना महामारी में किया राजनीतिक दुरुपयोग, कोवैक्सीन ताजा उदाहरण : मनीष तिवारी

 


नई दिल्ली। कोरोना वायरस से बचाव की स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के आपात इस्तेमाल की मंजूरी को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि इस सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान राजनीतिक दुरुपयोग किया है। वैक्सीन पर विवाद इसका सबसे ताजा उदाहरण है।

तीसरे चरण के ट्रायल के बिना मिली मंजूरी पर सवाल खड़े करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि आखिर कौन ऐसे वैक्सीन को लगवाने जाएगा, जिसकी विश्वसनीयता पर संदेह हो। उन्होंने कहा कि पूर्ण परीक्षण के पहले ही किसी दवा को मंजूरी देकर भाजपा सरकार ने एक कंपनी पर विशेष अनुकम्पा की है, जिसने अनसंधान और उत्पादन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं।

कांग्रेस नेता ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना को साबित करने होड़ में उन्होंने एक ऐसी वैक्सीन को लाइसेंस दे दिया, जिसका तीसरा चरण का प्रशिक्षण भी नहीं हुआ है। इससे पहले, कांग्रेस के दो अन्य नेताओं शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी कोरोना वैक्सीन पर प्रश्न उठाए थे। थरूर ने कहा था कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल अभी तक पूरा नहीं हुआ है, ऐसे में कोवैक्सीन को समय से पहले मंजूरी देना खतरनाक हो सकता है। वहीं जयराम रमेश ने कहा था कि भारत बायोटेक पहले दर्जे की कंपनी है इसके बावजूद उसे मंजूरी मिलना हैरानी की बात है।

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