कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, भाजपा MLC विश्वनाथ को नहीं बनाया जा सकता मंत्री, बताई ये वजह

 


बेंगलुरु। कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायक के रूप में विधान परिषद सदस्य ए एच विश्वनाथ अयोग्यता जारी रहेगी। इसलिए उन्हें मंत्री के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता है। विश्वनाथ की अयोग्यता कर्नाटक विधानसभा के कार्यकाल ( मई 2021) तक पूरा होने तक जारी रहेगी। 

मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने सोमवार को अधिवक्ता एएस हरीश की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने फैसले में कहा था कि विश्वनाथ संविधान के अनुच्छेद 164 (1) (बी) और अनुच्छेद 361 (बी) के तहत अयोग्य ठहराए गए हैं। विधान परिषद का कार्यकाल मई 2021 को समाप्त होगा। यदि मुख्यमंत्री द्वारा उनके लिए कोई सिफारिश की जाती है, तो राज्यपाल विश्वनाथ की अयोग्यता के पहलू पर विचार करने के लिए बाध्य हैं।

इसके अलावा दो अन्य एमएलसी आर शंकर और एन नागराज के मामले में बेंच ने कहा कि उनके सम्बन्ध में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। बता दें कि एमएलसी, विश्वनाथ, शंकर और नागराज उन 17 विधायकों में से हैं जिन्हें कर्नाटक विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी।

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