कांग्रेस कार्यसमिति में सांगठनिक चुनाव पर घमासान, असंतुष्ट नेताओं पर बरसे गहलोत

 


नई दिल्ली। कांग्रेस में आपसी खींचतान का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। शुक्रवार को पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में कुछ नेताओं ने संगठन में बदलाव के लिए जल्द आंतरिक चुनाव कराने की मांग की। इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत असंतुष्ट नेताओं पर भड़क गए। उन्होंने सवाल किया आखिर चुनाव की इतनी जल्दी क्यों हैं, क्या आपको सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है?

दरअसल लंबे समय से कांग्रेस स्थायी नेतृत्व के बिना ही काम कर रही है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। तब से सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं। ऐसे में कांग्रेस के अंदर से स्थायी नेतृत्व और संगठन में बदलाव की मांग को लेकर 23 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष को पत्र लिखा था और काफी हंगामा हुआ था। ऐसे में जब आज सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई तो फिर से जल्द आंतरिक चुनाव की मांग उठने पर अशोक गहलोत नाराज हो गए। 

गहलोत कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में करीब 15 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि आज किसान आंदोलन, महंगाई, अर्थव्यवस्था जैसे कई मसले हैं, जिन पर पार्टी को फोकस करना चाहिए। संगठन के चुनाव बाद में भी कराए जा सकते हैं लेकिन कुछ लोगों को राष्ट्रीय मुद्दों से ज्यादा पार्टी के अंदर परिवर्तन की बात ज्यादा महत्वपूर्ण लग रही है। संगठन का चुनाव जल्द कराने की मांग करने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए गहलोत ने कहा कि क्या उन्हें सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस में संगठन चुनाव को लेकर सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में से एक रहे आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद ने बैठक में संगठन चुनाव का मसला उठाया था। इस पर अशोक गहलोत बिफर पड़े।

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