लंबे गतिरोध के बीच भारत-चीन में एक बार फिर सैन्य कमांडर स्तर की बैठक शुरू, सीमा पर तनाव कम करने पर होगा जोर

 


नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत तथा चीन  की सेनाओं के मध्य जारी तनाव को कम करने हेतु आज एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बैठक प्रारंभ हो गई है। ये बैठक चीन की तरफ से बुलाई गई है। दोनों देशों के मध्य सैन्य कमांडर स्तर की नौवें दौर की बैठक को लेकर रूपरेखा बनाई जा चुकी है। 

जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना की ओर से लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन, जबकि चीन की ओर से पीएलए के दक्षिणी झिंगज्यांग डिस्ट्रिक के कमांडर इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों देशों के मध्य ये बैठक एलएसी पर चीन के मोल्डो बीपीएम-हट में जारी है। मीटिंग का एजेंडा डिसइंगेजमेंट एवं डि-एस्कलेशन होगा मतलब दोनों देशों के सैनिक एलएसी से पीछे हट जाएं तथा सैनिकों की संख्या भी घटा दी जाए। 

बता दें कि आठ दौर की बैठक के पश्चात भी दोनों देशों के मध्य टकराव खत्म नहीं हो रहा था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक लगभग बंद हो गई थी। बीते लगभग ढाई महीनों से दोनों देशों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है। हालांकि, दोनों देशों के राजनयिक जरूर तनाव समाप्त करने हेतु मुलाकात कर रहे हैं। अब दोनों देश सीमा पर जारी तनाव को कम करने के लिए आज एक बार फिर बातचीत करने वाले हैं। 

दोनों पक्षों के मध्य अंतिम सैन्य बैठक छह नवंबर को हुई थी। उल्लेखनीय है कि नॉर्दन आर्मी कमांडर के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा का बताया है कि दोनों देशों के सेनाओं के बीच बातचीत से नतीजा निकलने की आस काफी कम है। इस विवाद को राजनियक स्तर पर ही दोनों देश सुलझा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक लगभग साढ़े 3 माह पूर्व भारतीय सैनिक पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के दक्षिण किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम मुखपरी, रेचिन ला तथा किंतु हिल इलाके के अनेक ऊंचाई वाले स्थानों पर काबिज हो गए थे। 

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