किसान आंदोलन के बीच AAP ने पंजाब सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, लगाया ये बड़ा आरोप

 


नई दिल्ली। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 60वां दिन है। किसानों के इस शांत आंदोलन की ‘ताकत’ भी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड की परवाह किए बिना हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से किसानों के जत्थे रसद के साथ लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी ने किसानों के आंदोलन को लेकर पंजाब के सीएम को एक बार फिर निशाने पर लिया है। 

आम आदमी पार्टी ने आज मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ एक आरटीआई दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि अमरिंदर सिंह उस समिति के सदस्य थे, जिसमें तीन विवादास्पद कानूनों को मंजूरी दी गई थी। आप ने कहा उन्हीं कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी ने दावा करते हुए एक आरटीआई दस्तावेज भी अटैच किया। जिससे यह साबित होता है कि अमरिंदर सिंह भारतीय कृषि के परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति के 10 सदस्यों में से एक थे। मतलब उन्हें इन कानूनों की पूरी जानकारी थी। 

आरटीआई दस्तावेज में कमेटी के बारे में जानकारी दी गई है। यह समिति अगस्त 2019 में बनाई गई थी। आरटीआई (RTI) से खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ,, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और निति आयोग के सदस्य रमेश चंद इस समिति का हिस्सा थे।

गौरतलब है कि किसानों के ‘दिली चलो’ आंदोलन की शुरुआत से ही इस मुद्दे पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल और पंजाब के सीएम अमरिंदर आमने-सामने हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पर आप ने ये आरोप पहली बार नहीं लगाए हैं। केजरीवाल पहले भी पंजाब के सीएम पर कानूनों को ड्राफ्ट करने का आरोप लगाते रहे हैं। AAP के अब अपने हमले के साथ RTI दस्तावेज़ भी अटैच किए हैं। 

उधर, अमरिंदर सिंह ने पहले भी आप के आरोपों का जवाब देते हुए समिति का हिस्सा होने से इनकार किया था। उन्होंने साफ किया था कि उस समिति की किसी भी बैठक में कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं की गई थी। 

बता दें  कि अब तक किसान संगठनों की सरकार के साथ 11 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 22 जनवरी की वार्ता भी बेनतीजा रही है। गौरतलब है कि आंदोलनकारी किसान 28 नवंबर से दिल्ली की बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। साथ ही किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करने का ऐलान किया है। 

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