बाइक-बोट स्कीम का लालच देकर देशभर के हजारों लोगों से 42 हजार करोड़ की ठगी

 


नई दिल्ली।  बाइक-बोट स्कीम का लालच देकर देशभर के हजारों लोगों से 42 हजार करोड़ से अधिक की ठगी करने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड के सात और निदेशकों को गिरफ्तार किया है। सभी को पहले दादरी, गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने दबोचा था। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में थे। आर्थिक अपराध शाखा ने अपने मुकदमे में सभी की औपचारिक गिरफ्तारी की है। इससे पूर्व 19 नवम्बर को आर्थिक अपराध शाखा कंपनी के छह निदेशकों को गिरफ्तार कर चुकी थी। 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस अब तक कंपनी के कुल 15 निदेशकों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि देशभर के लोगों के साथ गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर नामक कंपनी ने ठगी की थी। लोगों ने कंपनी के संजय भाटी और अन्य लोगों पर ठगी का आरोप लगाया था। दरअसल कंपनी ने शुरुआत में बाइक के नाम पर 62 हजार रुपये निवेश करने पर हर माह एक साल तक 9500 रुपये देने का वादा किया था। 

लोगों ने स्कीम में जमकर निवेश किया। शुरुआत में कंपनी ने लोगों को हर माह रकम भेजी थी। इसके बाद इसके बाद कंपनी की ओर से ई-बाइक की स्कीम लान्च कर दी गई। इसके तहत निवेशकों से 1.24 लाख निवेश करने पर हर माह एक साल तक 17000 हजार रुपये देने का वादा किया था। इस स्कीम में भी लोगों ने जमकर निवेश किया। लोगों का विश्वास जीतकर कंपनी के पदाधिकारी फरार हो गए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और देश के बाकी हिस्सों में निवेशकों ने मामले दर्ज कराए। पुलिस ने कंपनी के बैंक खातों की यमुना विहार, पल्लवपुरम मेरठ, खुर्जा, नोएडा में जांच की। छानबीन के दौरान पता चला कि कंपनी ने आरबीआई से निवेश के लिए एनबीएफसी भी नहीं लिया हुआ था। ऐसे में निवेशकों से रुपये लेना अवैध था। जांच के दौरान पता चला कि दिल्ली के ही आठ हजार लोगों से करीब 250 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। 

आर्थिक अपराध शाखा ने भी मामला दर्ज कर अब अपने केस में साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गिरधरपुर नबादा, बुलंदशहर निवासी सुनील कुमार प्रजापति, जटवाड़ा, झज्जार, हरियाणा निवासी विनोद कुमार, गंगा सागर, मवाना रोड, डिफेंस कालोनी, मेरठ निवासी करण पाल सिंह, सेदीपुर, मवाना, मेरठ निवासी ललित कुमार, खंड मोहन नगर, बुलंदशहर निवासी पुष्पेंद्र सिंह, गांव छिटी, गौतमबुद्ध नगर निवासी आदेश भाटी और विकासपुरी दिल्ली निवासी तरुण शर्मा के रूप् में हुई है। इनमें दो कंपनी के प्रमोटर भी हैं। सभी पहले से गौतमबुद्ध नगर की जेल में बंद थे। दिल्ली पुलिस कस्टडी में लेकर उनसे पूछताछ करने का प्रयास कर रही है।

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