नाबालिग पीड़िता के शव को सीधे श्मशान ले गई पुलिस, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

 


भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने यौन शोषण की शिकार नाबालिग पीड़िता की मौत के बाद उसके शव को पुलिस द्वारा सीधे श्मशान ले जाने पर संज्ञान लिया है। आयोग ने इस संबंध में संज्ञान लेकर पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, उप पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल, कलेक्टर भोपाल एवं संचालक, महिला एवं बाल (कल्याण) विकास  विभाग, म.प्र.शासन से अतिशीघ्र प्रतिवेदन मांगा है। 

आयोग द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार भोपाल शहर में एक बहुचर्चित यौन शोषण केस की शिकार नाबालिग बच्ची की ज्यादा मात्रा में नींद की गोलियां खा लेने के बाद बीते बुधवार को मृत्यु हो गई थी। गुरुवार को पुलिस की निगरानी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। यह नाबालिग इस केस में पीड़िता और फरियादी थी न कि आरोपी या अपराधी। फिर भी पुलिस शव को हमीदिया अस्पताल से सीधे शमशान ले गई। पीड़िता की मां और परिजन घर पर बेटी के शव का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें शव सौंपना ही नहीं चाहती थी। बच्ची के परिजन चीखते रहे कि इतनी भी जल्दी क्या है, लेकिन पुलिस नहीं मानी और उसने कुछ परिवारजनों को ले जाकर बच्ची का अंतिम संस्कार करवा दिया। पीड़ित बच्ची की मां का कहना है कि प्रशासन ने बच्ची के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया, हमें अस्पताल में भी उससे नहीं मिलने दिया गया। हम अपनी बेटी को रीति-रिवाज के साथ विदा भी नहीं कर पाये। 

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