दूसरी आजादी की लड़ाई लडऩे के लिए तैयार रहें देशवासी: कमलनाथ

 


मुरैना। केन्द्र सरकार ने देश के किसानों के साथ धौखा दिया है। जो नया कानून लाया गया है वह किसान हितैषी न होकर उद्योगपतियों के लिए है। अगर यह कानून रद्द न हुआ तो देश फिर से गुलामी की ओर चला जाएगा। देशवासियों को दूसरी आजादी की लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने बुधवार को देवरी गांव में क्वारी नदी के किनारे प्रदेश किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित खाट पंचायत में कही। कार्यक्रम में जिले भर से हजारों कांगे्रस कार्यकर्ता आए थे। इस अवसर पर सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस मौके पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, वरिष्ठ नेता अजय सिंह राहुल भैया सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। 

कमलनाथ ने केन्द्र की मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि देश की सत्तर फीसदी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। लेकिन इस अर्थव्यवस्था को मोदी नष्ट करने पर तुले हुए हैं। इस कानून से किसान अपनी जमीन से हाथ धो बैठेगा। उद्योगपति किसान से फसल खरीदकर उसे मनमाने दामों पर बाजार में बेचेगा। इससे मंडी व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी। चूंकि अभी तक एफसीआई के गोदामों में सरकारी अनाज इसलिए रखा जाता है कि विपत्ति में इसका उपयोग किया जा सके। लेकिन यह सब व्यवस्था उ़द्योगपतियों के हाथों में चली जाएगी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय विदेशों से अनाज आयात किया जाता था। लेकिन इंदिरा गांधी ने समर्थन मूल्य व्यवस्था चालू की एवं किसानों की उन्नति के लिए काम किया। यही वजह है कि भारत से अनाज का निर्यात होने लगा। 

कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि हमने यहां वोट से सरकार बनाई थी। लेकिन उन्होंने नोट से सरकार बनाई। इन्होंने मध्यप्रदेश की राजनीति को शर्मिंदा करने का काम किया है। कमलनाथ ने कहा कि जब उन्होंने प्रदेश की सत्ता संभाली थी तब यहां के हालात खस्ता थे। लेकिन हमने यहां के हालात सुधारे। 27 लाख किसानों का कर्जा पहले चरण में माफ किया। दूसरा चरण चालू ही होने वाला था कि हमारी सरकार गिरा दी गई। हमने रोजगार के अवसर बढ़ाए। नौजवानों का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब उद्योग खुलेंगे। लेकिन इनके राज में जितने उद्योग खुल नहीं रहे बल्कि उससे दोगुने बंद हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में कोई भी उद्योगपति निवेश करने तैयार नहीं है। जब प्रदेश में विश्वास होगा तभी उद्योग खुलेंगे। कमलनाथ ने उपस्थित युवाओं व किसानों का आव्हान करते हुए कहा कि आप कांगे्रस का साथ मत देना लेकिन सच्चाई का साथ जरूर देना। कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश का किसान आंदोलित है। ऐसी स्थिति में प्रदेश का किसान घर में क्यों बैठा है। उन्होंने किसान को अपनी एकता बनाए रखने को कहा। कार्यक्रम को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, अजय सिंह, अरुण यादव, डॉ गोविंद सिंह, विक्रांत भूरिया, जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी ने भी संबोधित किया। 

आधा दर्जन नेताओं के घर पहुंचे दिग्गी: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज मुरैना में करीब आधा दर्जन कांगे्रस नेताओं के घर पहुंचे। दिग्विजय सिंह मुरैना विधायक राकेश मावई, किसान कांगे्रस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर, नपा के पूर्व उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप मावई, पूर्व सांसद बाबूलाल सोलंकी सहित कांगे्रस नेता अशोक भदौरिया, जसवीर गुर्जर के घर गए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कांगे्रस नेताओं के घर जाने को राजनीति के जानकार कई गुणा गणित निकाल रहे हैं। भ्रमण के दौरान दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। किसानों के मामले में बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि केंद्र सरकार देश की कृषि व्यवस्था में पूंजीपतियों को प्रवेश दिलाने के लिए एक साथ इन तीन कानूनों को लाई है, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी। वही मुरैना में जहरीली शराब कांड मामले में बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने साफ तौर पर प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग पर पैसे लेकर इन को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

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