आयुष्मान कार्ड बनाने में 29वें स्थान पर था गुना, सिर्फ एक माह में पांचवे पर आया

 


गुना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष प्राथमिकता वाले कार्यक्रम आयुष्मान भारत योजना में गुना जिले ने ऊँची छलांग लगाई है। जिसमें जिले में सिर्फ एक माह में ढाई लाख कार्ड बन चुके है। तकरीबन 6 लाख से ज्यादा कार्ड जिले में बनना है। जिसमें से 54 फीसद कार्य अब तक पूरा किया जा चुका है और जिस गति से कार्य चल रहा है, उससे लग रहा है कि जल्द ही लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी कार्ड बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जहां लगातार शिविरों का आयोजन हो रहा है तो कर्मचारियों द्वारा घर-घर दस्तक भी दी जा रही है।

 सिर्फ एक माह में हुई प्रगति
आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दिलाने के सख्त सरकारी निर्देशों के बावजूद जिले में कार्ड बनाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था। योजना के शुरु होने के करीब दो-ढाई साल में सिर्फ डेढ़-दो लाख लोगों के कार्ड ही बन पाए थे, जबकि 6 लाख से ज्यादा कार्ड बनने का लक्ष्य था। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोग परेशान हो रहे थे, किन्तु कहीं उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। समीक्षा के दौरान जब यह मामला कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसको लेकर बकायदा एक बैठक ली और कार्ड बनाने के लिए कार्य योजना तैयार कर इसमे तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए नोडल अधिकारी जनपद सीईओ राकेश शर्मा को बनाया गया। जिला पंचायत सीईओ नीलेश पारीख के मार्गदर्शन में काम शुरु किया।
 
पहले नौवे फिर पांचवे नंबर पर आया गुना
आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए लक्ष्य तय किए गए। ग्राम स्तरीय उद्यमी 351 बनाए गए तो पंचायत स्तर पर दल भी गठित किए गए। इसके साथ ही पंचायत सचिव, रोजगार सहायकों के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी मदद ली गई। युद्ध स्तर पर कार्ड बनाने का काम शुरु किया गया। जहां शहर से लेकर गांव-गांव तक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है तो घर-घर भी दस्तक दी जा रही है।

इस दौरान नागरिकों को आयुष्मान कार्ड  के लाभ बताए जा रहे है। इन सब के नतीजे भी सार्थक आ रहे है। जो गुना जिला एक माह पहले तक आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में प्रदेश में 29वें स्थान पर था, वह पहले नौवे स्थान पर और अब पांचवे स्थान पर आ गया है। नोडल अधिकारी राकेश शर्मा ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते बताया कि उनका लक्ष्य जिले को प्रदेश में पहले पायदान पर लाना है। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एवं जिला पंचायत नीलेश पारीख के मार्गदर्शन में यह काम कर लिया जाएगा। 

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