वार्षिकी-2020 : कोरोना महामारी के बीच राजनीति का अखाड़ा बना रहा बंगाल

 


कोलकाता। वर्ष 2020 कोरोना महामारी का डंक झेलते हुए खत्म होने वाला है। कोरोना संकट के बीच राज्य में सालभर राजनीतिक हलचल तेज रही।  राज्य में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या के आरोपों में फंसी टीएमसी सभी आरोपों को निराधार बताते नही थकी। राज्य में राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। देखा जाए तो कोरोना महामारी के बीच पश्चिम बंगाल राजनीति बयानबाजी का अखाड़ा बना रहा। सालभर में राज्य के खेल, फिल्म व राजनीति क्षेत्र की कई जानी मानी हस्तियों का निधन होने से गम का भी माहौल रहा। आइए साल की प्रमुख घटनाओं पर एक नजर डालते हैं।  :-

08 जनवरी - केंद्रीय व्यापार संघ के आह्वान पर केंद्र के खिलाफ वाम-कांग्रेस ने रखी हड़ताल। देशव्यापी 48 घंटे की आम हड़ताल का बंगाल पर मिला-जुला असर रहा। 
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11 जनवरी - पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों से पश्चिम बंगाल में विनिर्माण उद्योग के भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स के 95 वें सत्र को संबोधित करते हुए उद्योगपतियों से पश्चिम बंगाल में विनिर्माण उद्योग में निवेश का आह्वान किया।
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18 फ़रवरी - बांग्ला फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता और पूर्व सांसद तापस पाल (62) का मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 2014 में, तापस पाल तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर कृष्णनगर से लोकसभा सांसद बने थे। अभिनेता को 2016 में रोज वैली चिट फंड में नामित किया गया था। वह 22 महीने जेल में थे । 

 22 फरवरी - पूर्व सांसद और दिग्गज इतिहासकार कृष्णा बोस (90) का निधन। उन्हें 18 फरवरी को दिल की समस्याओं के कारण ईएम बायपास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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मार्च 11 - पूर्व अभिनेता संतू मुखर्जी (69) ने अपने गोल्फ ग्रीन हाउस में अंतिम सांस ली। दिग्गज अभिनेता असाध्य कैंसर से पीड़ित थे।

20 मार्च - महान फुटबॉलर प्रदीप बनर्जी (84) का निधन। उन्होंने कोलकाता मैदान में किसी बड़े क्लब के लिए कभी नहीं खेला था। 1990 में, भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया।

23 मार्च - पश्चिम बंगाल में कोरोना से पहली मौत।  दमदम के एक 56 वर्षीय रेलकर्मी की साल्टलेक के आमरी अस्पताल में  मौत हो गई। 
 ----- अप्रैल 30 -  महान फुटबॉलर चूनी गोस्वामी (72) का निधन। चूनी गोस्वामी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है।  मृत्यु के समय वह 72 वर्ष के थे। 1982 में, चूनी गोस्वामी की कप्तानी में, भारतीय फुटबॉल टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। 
  
19 मई- बंगाल की खाड़ी में सुपर साइक्लोन अम्फन ने राज्य में तबाही मचाई। पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे। ममता बनर्जी सरकार ने एक लाख करोड़ के नुकसान का‌ दावा किया था। कोलकाता में, लगभग 133 किमी प्रति घंटे की गति से कई घंटों तक आंधी चलती रही।
  
22 मई - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अम्फन प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया था और राज्य के लिए एक हजार करोड़ रुपये की फौरी मदद दी थी।
  
जून - मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चक्रवात प्रभावित सुंदरवन पर सर्वदलीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीपीआईएम के नेता सुजन चक्रवर्ती, सूर्यकांत मिश्रा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, जय प्रकाश मजुमदार और कांग्रेस के प्रदीप भट्टाचार्य उपस्थित हुए थे। 

13 जुलाई - विधायक देवेंद्रनाथ रॉय की असामयिक मौत। उत्तरी दिनाजपुर के हेमताबाद के एक सीपीएम विधायक जो पिछले साल भाजपा में शामिल हुए थे, उनका शव फंदे से लटकता हुआ बरामद किया गया। उनके परिवार और भाजपा ने उनकी हत्या का आरोप लगाया । घटना के अगले दिन, भाजपा ने उत्तर बंगाल में 12 घंटे का बंद किया। 

30 जुलाई - वरिष्ठ राजनेता और प्रांतीय कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा का निधन। मित्रा लंबे समय से दिल की समस्याओं से जूझ रहे थे। 
  
02 अगस्त - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर ईस्ट बंगाल क्लब को शताब्दी पर बधाई दी। क्लब, फुटबॉल और समर्थकों को अलग से बधाई देते हुए, प्रधान मंत्री ने ट्वीट किया, "क्लब के फुटबॉलरों, सदस्यों और निश्चित रूप से समर्थकों को ईस्ट बंगाल क्लब की 100 वीं वर्षगांठ मुबारक। यह शुभ क्षण भारतीय खेल और बंगाल की फुटबॉल परंपरा के लिए एक मील का पत्थर है।" 
 
06 अगस्त - अनुभवी कम्युनिस्ट नेता, पूर्व मंत्री श्यामल चक्रवर्ती (69) का निधन। अनुभवी सीपीएम नेता श्यामल चक्रवर्ती ने कोरोना की वजह से दम तोड़ा। 
 
17 अगस्त - विश्वभारती के मेला ग्राउंड की निर्माणाधिन दीवार को जेसीबी से ढहाया गया। सत्तारूढ़ पार्टी पर उपद्रवियों को नेतृत्व देने का आरोप। 

03 अक्टूबर - हाथरस मामले का विरोध करने के लिए कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मार्च किया। 
 
08 अक्टूबर - प्रोफेसर आनंद देव मुखर्जी का निधन। वह समुद्र वैज्ञानिक, विद्यासागर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के महासचिव, प्रोफेसर थे। वह 61 वर्ष के थे।

08 अक्टूबर- भाजपा के सचिवालय घेरो अभियान पर लाठीचार्ज। पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों ने कई घायल। भाजपा के सचिवालय घेराव अभियान के दौरान बंगाल पुलिस ने एक सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी गिराई थी जिसकी वजह से पूरे देश में ममता बनर्जी की काफी किरकिरी हुई। 

15 अक्टूबर - वयोवृद्ध खेल पत्रकार किशोर विमानी (61) का निधन। उनकी कोविड संक्रमण से मौत हुई थी।
 
19 अक्टूबर- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य के सभी पूजा पंडालों में आगंतुकों के प्रवेश  पर प्रतिबंध लगा दिया।
 
03 नवम्बर- सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गौर करने का निर्देश दिया है कि छठ पूजा पर राष्ट्रीय पर्यावरण न्यायालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन हो। राष्ट्रीय पर्यावरण न्यायालय ने कोलकाता के  रबींद्र सरोबर में छठ पूजा नहीं करने के लिए एक निर्देश जारी किया था।

11 नवम्बर- लॉकडाउन के बीच सियालदह और हावड़ा में बंद पड़ी लोकल ट्रेन सेवाएं दोबारा बहाल हुई। राज्य में स्थानीय ट्रेनों को लगभग साढ़े 6 महीने बाद फिर से चलाने पर सहमति बनी।

15 नवम्बर- दिग्गज अभिनेता सौमित्र चटर्जी (85) का निधन। वह कोविड से मुक्त होने के बाद उम्रजनित समस्याओं से ग्रसित होने की वजह से उन्होंने दम तोड़ दिया था।
  
27 नवम्बर - नवम्बर में पूरे महीनेभर शुभेंदु अधिकारी के तृणमूल से अलग होने की चर्चा चलती रही। राज्य में ममता बनर्जी से भी बड़ा जनाधार रखने वाले कद्दावर नेता ने 27 नवम्बर को ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। 

08 दिसम्बर - सिलीगुडी में मिनी सचिवालय अभियान में एक भाजपा समर्थक की मौत के बाद तनाव। भाजपा समर्थकों पर लाठीचार्ज,, आंसूगैस, वाटर कैनन छोड़ा गया।  

10 दिसम्बर- डायमंड हार्बर रोड पर भाजपा के अखिल भारतीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और कैलाश विजयवर्गीय घायल हुए। इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव अलापन बनर्जी और पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पेश होना पड़ा। इसके अलावा नड्डा की सुरक्षा में तैनात रहने वाले तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने केंद्रीय तैनाती पर भेजा गया। 

19 दिसम्बर- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मिदनापुर में रैली। पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी व उनके साथ तृणमूल के एक सांसद, एक पूर्व सांसद और 11 अन्य विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के 83 अन्य नेताओं ने भी भाजपा का दामन थामा था जिनमें कई नगरपालिकाओं के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह भी शामिल थे।

19 दिसम्बर - शुभेंदु को भाजपा में शामिल कराने के बाद गृहमंत्री ने मिदनापुर में एक जनसभा में ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया और बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया। 

20 दिसम्बर- अमित शाह ने बीरभूम जिले के बोलपुर में रोड शो किया जिसमें लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

24 दिसम्बर- विश्वभारती की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर, प्रधानमंत्री सह कुलाधिपति नरेंद्र मोदी आभासी जरिए से समारोह में शामिल हुए। आमंत्रण नहीं मिलने का दावा कर इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुई जिसकी वजह से उनकी काफी किरकिरी हुई है।

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