पुलिस और पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के दस्ते में मुठभेड़, एसएलआर सहित अन्य हथियार बरामद

 


रांची। पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र के खाण्डा गांव के जंगल पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई । मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख उग्रवादी घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर भाग निकले। मुठभेड़ बंद होने के बाद चलाए गए सर्च अभियान में बहुत सारे हथियार, जिंदा कारतूस, वॉकी टॉकी मोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए हैं।

बरामद सामानों में एक एसएलआर, एक राइफल, एक डबल बैरल बंदूक, 169 राउंड जिंदा गोली, छह पीस नाइन एमएम का देशी पिस्टल , एसएलआर का एक मैगजीन, रायफल का एक मैगजीन, 9mm पिस्टल का 11मैगजीन, दो वॉकी टॉकी, 4 मोबाइल, दो चाकू, एक थर्मल स्क्रेनिंग मशीन, मोबाइल चार्जर, 6 पीस कंबल, पीएलएफआई का पर्चा 20 पीस और दैनिक रोज में इस्तेमाल होने वाला सामान शामिल है। 

चाईबासा एसपी अजय लिंडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चाईबासा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप और जीदन गुड़िया  का दस्ता इलाके में भ्रमण सील हैं। सूचना के बाद चाईबासा पुलिस और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम को इलाके में उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अभियान के क्रम में पुलिस और पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप और जीदन गुड़िया के दस्ते से मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ करीब आधे घंटे तक चली। 

सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख उग्रवादी घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए। एसपी ने बताया कि सूचना के बाद पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के दिनेश गोप और जीदन गुड़िया को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था जिसमें जिला पुलिस और झारखंड जगुआर की टीम शामिल हुई थी। अभियान का नेतृत्व एसपी नाथू सिंह मीणा कर रहे थे। एसपी ने बताया कि छापेमारी टीम में शामिल पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। 

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