पंचायत चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

 


रांची। पंचायत चुनाव जल्द कराने के लिए झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है। देवघर निवासी जय प्रकाश पंडित ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनके वकील राधा कृष्ण गुप्ता ने याचिका में कहा है कि सरकार पंचायत चुनाव नहीं करा रही है। जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है। याचिकाकर्ता के वकील राधा कृष्ण गुप्ता के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 243 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि कार्यकाल समाप्त होते ही चुनाव कराया जाना अनिवार्य है। लेकिन झारखंड सरकार पंचायतों को सशक्त करने के बदले सारे अधिकार अपने पास रखना चाहती है। याचिका में सरकार के 7 जनवरी को जारी उस आदेश पर रोक लगाने की भी मांग अदालत से की गयी है। जिसमें पंचायत चुनाव को आगे बढ़ाते हुए छह माह के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार दिये गये हैं। 

 याचिका में कहा गया है कि कार्यकाल बीतने के बाद जन प्रतिनिधियों को छह माह का अधिकार बढ़ाने का प्रावधान नहीं है। इसलिए सरकार के आदेश पर रोक लगा देना चाहिए।याचिका में ये भी जिक्र है कि लॉकडाउन के दौरान दुमका और बेरमो विधानसभा का उपचुनाव सफलतापूर्वक कराया गया। और अब मधुपुर उपचुनाव की तैयारी भी की जा रही है। ऐसे में पंचायत चुनाव भी कराये जा सकते हैं। अदालत से सरकार को जल्द पंचायत चुनाव कराने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। उल्लेखनीय है कि झारखंड में पंचायत प्रतिनिधियों की अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत राज्य संस्थाएं विघटित हो चुके हैं। कोरोना के कारण समय पर पंचायत चुनाव नहीं हो सके। इसे देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। सरकार ने ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद के कार्य संचालन के लिए कार्यकारी समिति के गठन का फैसला किया है। ग्राम पंचायत के लिए गठित कार्यकारिणी समिति के लिए विघटित पंचायत के मुखिया को अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह पंचायत समिति के कार्यों का संचालन विघटित पंचायत समिति के प्रमुख करेंगे। जिला परिषद के विघटन के बाद परिषद के कार्यों के संचालन के लिए गठित कार्यकारी समिति का अध्यक्ष संबंधित विघटित जिला परिषद के अध्यक्ष होंगे। कार्यकारी समितियों का गठन संबंधित जिला के डीसी करेंगे।

यह खबर भी पढ़े: रेलयात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने शुरू की कई और नई स्पेशल रेलगाड़ियां

From around the web