भाजपा सरकार की विकास योजनाओ को हेमन्त सरकार ने ठंडे बस्ते में डाला : अनन्त ओझा

 


रांची। भाजपा के राजमहल विधायक अनंत ओझा और छतरपुर विधायक पुष्पा देवी ने कहा है कि राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग में वितीय वर्ष 2020-21 का कुल बजट आकार 86370 करोड़ रुपए है। यानि वित्तीय वर्ष 2020-21 में जल संसाधन विभाग में क्लब 1018 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट का आकार पिछले वितीय वर्ष 2019-20 से घटाकर कम कर दिया गया। 

गुरुवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओझा ने कहा कि पिछले एनडीए की रघुवर दास  की सरकार में राज्य की सारी महत्वकांक्षी योजनाओ को वर्तमान महागठबंधन की सरकार द्वारा बंद कर दी गयी। राज्य की 52 इआरएम (मरम्मती, पम्पिकरण, सुदृढीकरण) योजनाएं जो लगभग 1000 करोड़ से भी ज्यादा की योजना थी, उन सभी योजनाओ में राशि उपलब्ध न कराकर बंद कर दी गयी। 832 करोड़ रुपये की ईचा डैम योजना को वर्क ऑर्डर होने के बाद बंद कर दी गयी। राज्य की महत्वपूर्ण कनहर-सोन नदी से पलामू और गढ़वा के लिए पाइप लाइन द्वारा क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपए की गोजन का वर्क ऑर्डर होने के बाद भी बंद कर दी गयी। 

उन्होंने कहा कि उसके साथ ही राज्य की एक और महत्वाकांक्षी 'स्वर्णरेखा परियोजना' को पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर कार्य प्रारंभ कराने की योजना को भी ठंडे बस्ते में डालकर बंद कर दिया गया। वर्तमान  सरकार किसानों के प्रति निष्क्रिय है। पूर्व कि सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों को विशेषकर महिला किसानों की आजीविका के संवर्धन के लिए 30 हज़ार कृषको को माइक्रो ड्रिप प्रणाली द्वारा विकसित करने का लक्ष्य रखा था। पूर्व की सरकार ने बड़े बड़े तालाबो का निर्माण व जीर्णोद्धार कराई थी। 

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