केन्द्र सरकार को अपना फैसला बदलकर किसान हित के कानून बनाने चाहिए : अभय सिंह चौटाला

 


जींद। ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला शनिवार को बदोवाला टोल प्लाजा पर पहुंचे और किसान आंदोलन का समर्थन किया। धरने को सम्बोधित करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि केन्द्र की सरकार ने ये तीनों काले कानून उस समय हमारे अन्नदाता पर थोप दिए, जब कोरोना के कारण पूरा देश अपने घरों के कैद था। 

उन्होंने किसानों को बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने अडानी अम्बानी के कहने पर इन कानूनों को बनाया। क्योंकि जब पूरे विश्व में लॉक डाउन था तो खेती बाड़ी के काम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था। ऐसे में बड़े कारर्पोटरों ने देखा कि हर प्रकार की कम्पनियां बंद हो सकती है। लेकिन ये खेती बाड़ी वाली कम्पनी कभी बंद नहीं होगी। जिसके चलते केन्द्र की भाजपा सरकार के साथ मिलकर ये तीनों किसान विरोधी काले कानून रातों रात तैयार करके किसानों पर थोप दिए गए। लेकिन केन्द्र की सरकार यह भूल गई कि आज का किसान जागरूक हो चुका है। 

जैसे की तीनों काले कानूनों की किसानों के पास पहुंचा, उसके तुरंत बाद ही पूरे देश में नए कृषि कानूनों की पोल खुल गई और पंजाब से इसका विरोध शुरू हुआ। जिसके चलते अब देश का अन्नदाता अपने घरों को छोड़कर अपने बच्चों सहित दिल्ली बोर्डर पर बैठकर इन कानूनों को रद्द करवाने के लिए संघर्ष कर रहा है और किसानों के संघर्ष के सामने देश के प्रधानमंत्री को झुकना पड़ेगा, किसान से माफी मांगनी पड़ेगी और इन तीनों कानूनों को रद्द करना पड़ेगा। 

26 जनवरी को दिल्ली बोर्डर पर पहुंचने का किया आह्वान:- अभय सिंह चौटाला ने धरनारत किसानों को आह्वान किया कि 26 जनवरी इस आंदोलन का सबसे अहम दिन है। इसलिए क्षेत्र के हर गांव हर गांव से एक व्यक्ति ट्रैक्टर में सवार होकर दिल्ली जरूर पहुंचे और केन्द्र की इस गुुंगी बहरी सरकार को दिखा दे कि हमारा देश भारत आज भी कृषि प्रधान देश है और इस प्रधानता को किसान व मजदूर कभी बिकने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि वे अपनी इस ट्रैक्टर यात्रा के साथ नरवाना, उचाना जीन्द के रास्त सिंघु बोर्डर पर जाएगें और हजारों किसानों के साथ वहां चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करेगें।

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