वेतन के लिए निगम कर्मचारियों का एमसीडी और दिल्ली सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

 


नई दिल्ली। अपने वेतन और पेंशन की अनदेखी को लेकर दिल्ली के तीनोँ नगरनिगम के हज़ारों कर्मचारियों ने आज फेडरेशन ऑफ एमसीडी यूनियन के बैनर तले दिल्ली सचिवालय पर हल्ला बोलदीया। अपनी मांगों को लेकर निगम कर्मचारी सुबह से ही सिविक सेन्टर पर जमा होने लगे थे। उसके बाद हज़ारों निगम कर्मचारियों ने सिविक सेन्टर से लेकर दिल्ली सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। दिल्ली सचिवालय पर आंदोलनकारी कर्मचारियों और पुलिस के बीच हंगामा होता रहा ।कर्मचारी पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे जाना चाहते थे।परन्तु जब दिल्ली पुलिस ने उन्हें वही रोक दिया, तो कर्मचारी वहीं सड़क पर बैठकर रोष प्रदर्शन करने लगे। आप को बता दें कि कल बृहस्पतिवार को ही दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एमसीडी कर्मचारियों की सैलरी के लिए 938 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि तीनों निगमों की सैलरी के लिए यह रकम ऊँट के मुँह में जीरे के समान है।

भारतीय मजदूर संघ के वित्त सचिव योगेंद्र राय ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा" दिल्ली सरकार को करीब 13000 करोड़ रुपये देने है। कल जो 938 करोड़ रुपये दिए गए है इनमें से नॉर्थ एमसीडी के हिस्से में केवल 123 करोड़ रुपये ही है ।जबकि नार्थ एमसीडी के कर्मचारियों की एक माहीने की सैलरी 320 करोड़ रुपये के करीब है। एमसीडी लगभग पांच साल से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, जो कि हर आने वाले दिनों में बढती जा रही है । जिसका खामियाजा निगम कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। उन्हें महीनों सैलरी नही मिलती। निगम तथा दिल्ली सरकार से लगातार इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई जा रही है।"उन्होंने कहा" महीनों तक कर्मियों को सैलरी नही मिलती ।निगम कर्मीयों की भी आवश्यकताएं होती हैं, भूख उसे भी लगती है । अगर आज के विरोध प्रदर्शन के बाद भी कर्मचारियों की आवश्यक माँगे नहीं मानी गई तो हमलोग पुनः दिल्ली सचिवालय का घेराव करेंगे और सभी मंत्रियों के आवास का भी घेराव किया जाएगा" 

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