मासूम से दुष्कर्म और हत्या करने वाले को फांसी की सजा

 


गाजियाबाद। ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने वाले दरिंदे को गाजियाबाद की पाॅक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। मात्र 29 दिन में पाॅक्सो कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गाजियाबाद में 19 अक्तूबर 2020 को कविनगर थाने में एक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि उसकी ढाई साल की मासूम बेटी लापता हो गई है। परिजनों के शक पर पुलिस ने पीड़ित के दोस्त चंदन पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन वह पुलिस को गुमराह करता रहा। 20 अक्टूबर को कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया में नाले के किनारे झाड़ियों में बच्ची का शव बरामद हुआ था। 

इसके बाद पुलिस की सख्ती पर चंदन ने जुर्म कबूल कर लिया था। परिजनों की तहरीर पर हत्या, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर चंदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह मामला गाजियाबाद की स्पेशपल पाॅक्सो कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने मात्र 29 दिन के भीतर ही सुनवाई पूरी की। आरोपित की दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। पाॅक्सो कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव  ने कहा कि दोषी ने जो कृत्य किया है वह एक सभ्य समाज के लिए बेहद हानिकारक है। ऐसे शख्स को जीने का कोई अधिकार नही होना चाहिए। यह विरलतम मामलों की श्रेणी में आता है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि दोषी को उस वक्त तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाये। कोर्ट से सजा का ऐलान होने के बाद बच्ची की मां ने पुलिस का धन्यवाद दिया और कहा कि जब तक उस शख्स को फांसी पर चढ़ते नहीं देख लेंगे, तब तक मुझे तसल्ली नहीं होगी।

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