बेटियों से हैवानियत करने वाले पिता को आजीवन कारावास

 


बैतूल। अपनी ही दो मासूम बेटियों के साथ हैवानिवत करने वाले पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही आरोपित पर अर्थदण्ड भी किया है। मामला 2 साल पुराना है, जिसमें शुक्रवार को अदालत ने आरोपित को दंडित कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि नराधम पिता अपनी नाबालिग बेटियों से बीते 3 सालों से दुष्कर्म कर रहा था। आरोपित की पत्नी उसे छोड़कर बिहार में रह रही थी, जबकि बच्चियां पिता और आरोपित की मां के साथ सारणी थाना इलाके में रह रही थी।

जिला अभियोजन अधिकारी एसपी वर्मा के मुताबिक, विशेष न्यायालय ( पॉक्सो एक्ट ) बैतूल , जिला बैतूल ने आरोपित को धारा 376 ( 3 ) भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये के जुर्माने, धारा 305 भा.द.वि. के अपराध का दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपये जुर्माने एवं धारा 363 भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपये जुर्माने, 56/6 ( पॉक्सो एक्ट ) के अपराध में दोषी पाते हुये 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000 रुपये जुर्माने से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी एस.पी.वर्मा द्वारा की गयी एवं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश सूर्यवंशी अनन्य विशेष लोक अभियोजक, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती वंदना शिवहरे द्वारा पैरवी में सहयोग दिया गया। 

बताया जा रहा  है कि आरोपित  पीडि़ताओ का जैविक पिता है, जबकि पीडि़ता 12 वर्ष से कम आयु की अवयस्क बालिकाएं है। जो सारणी थाना इलाके में रह रही थीं।  पीडि़ता की मां घटना के 1 वर्ष पूर्व आरोपित को छोड़कर  पटना बिहार उसके माता-पिता के घर चली गयी थी । रिपार्ट लेख कराये जाने के तीन वर्ष पूर्व जब पीडि़ता तीसरी कक्षा में पढ़ती थी तब एक दिन उसके मम्मी पापा ( आरोपी ) की लड़ाई होने के कारण उसकी मम्मी व बहन नीचे सो गये थे तथा वह अपने पापा ( आरोपित ) के साथ सोई थी तब आरोपी ने उसके साथ बुरा काम किया था। पीडि़ता ने घटना के बारे में अपनी मम्मी को बताने का बोला तो आरोपित ने उसे चाकू दिखाकर डराया और बोला की अगर मम्मी को बताएगी तो इसी से मारूँगा। इस घटना के बाद आरोपित द्वारा जब भी पीडि़ता घर में अकेली होती थी तब उसे चाकू दिखाकर उसके साथ दुष्‍कर्म करता था। आरोपित द्वारा पीडि़ता की बड़ी बहन के साथ भी कई बार दुष्‍कर्म किया गया था। 

रिपोर्ट लेख कराये जाने के 10 दिन पूर्व भी आरोपित ने पीडि़ता के साथ गलत काम किया था। पीडि़ता एवं पीडि़ता की बहन के द्वारा घटना के बारे में अपने चाचा-चाची, दादा-दादी को बताया तब उन लोगों ने पीडि़ता और उसकी बहन की बात पर भरोसा नहीं किया। तब पीडि़ता अपनी बहन के साथ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने गयी थी। पीडि़ता एवं उसकी बहन की रिपोर्ट थाना सारणी द्वारा पृथक-पृथक लेख की गयी थी तथा अलग-अलग प्रकरण तैयार किये गये थे। इस मामले में आरोपित के खिलाफ प्रकरण अपराध कमांक 298/19 में न्यायालय द्वारा अंतर्गत धारा 376 ( एबी ) , 376 ( 2 ) ( जे ) , 376 ( एन ) , 376 ( 2 ) ( एफ ) , 506 ( 2 ) , भा.द.वि. 3/4 , 5 ( ठ ) / 6 , 5 ( ढ ) / 6 , पॉक्सो एक्ट के आरोप विरचित किये गये थे। आरोपित ने अपराध करना अस्वीकार किया था।

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