व्याख्याता परीक्षा 2018: जीव विज्ञान के अंतिम परिणाम पर लगी रोक, बेरोजगार अभ्यर्थी हुए परेशान

 


उदयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2018 जीव विज्ञान विषय का अंतिम परिणाम नहीं आने से कई अभ्यर्थी परेशान हो रहे हैं। परिणाम के इंतजार में वे आगे का अन्य कोई निर्णय ले पाने में भी खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में बेरोजगार अभ्यर्थियों की व्यथा को समझकर शीघ्र राहत की मांग की है। 

गौरतलब है कि आरपीएससी की ओर से स्कूल व्याख्याता के लिए विस्तृत विज्ञापन 13 अप्रैल 2018 को जारी किया गया था जिसमें जीव विज्ञान के कुल 166 पदों के लिए आवेदन की तिथि 17 मई 2018 से 16 जून 2018 रखी गई थी। इस भर्ती में ईडब्ल्यूएस तथा एमबीसी के आरक्षण के चलते हुए पुनः शुद्धि पत्र 19 सितम्बर 2019 को जारी किया गया जिसमें पुनः आवेदन करने के लिए 23 सितम्बर 2019 से 12 अक्टूबर 2019 तक का समय दिया गया। इस भर्ती में जीव विज्ञान के लिए 6 जनवरी 2020 को पेपर-प्रथम तथा 7 जनवरी 2020 को पेपर-द्वितीय की परीक्षा हुई। इस भर्ती में जीव विज्ञान का प्रोविजनल परिणाम 24 अगस्त 2020 को जारी किया गया जिसमें 166 पोस्ट पर कुल 329 अभ्यर्थी को पात्र किया गया। उनकी काउंसलिंग 13 अक्टूबर 2020 व 14 अक्टूबर 2020 को की गई। काउंसलिंग के दौरान जैव प्रौद्योगिकी के कुछ अभ्यर्थियों को सुसंगत विषय में स्नातकोत्तर नहीं मानते हुए अपात्र घोषित कर दिया गया जिसके चलते इन अभ्यर्थियों ने अपनी पात्रता को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और वहां से जीव विज्ञान के अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी गई। 

याचिका को लेकर उच्च न्यायालय ने राज्य और शिक्षा सचिव को उनकी पात्रता पर विचार विमर्श करने के लिए 1 माह का समय दिया था, पर राज्य और शिक्षा सचिव की तरफ से न्यायालय में कोई उचित जवाब प्रस्तुत नहीं करने से पिछले सप्ताह हुई सुनवाई में तीन सप्ताह का समय और दिया गया। लेकिन, अब तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिलने से अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। निर्णय में देरी हो रही है और परिणाम अटका होने से 166 बेरोजगारों के भविष्य पर तलवार लटकी हुई है। इस पसोपेश की स्थिति के कारण अभ्यर्थी अन्य भर्ती परीक्षाओं सहायक आचार्य कॉलेज शिक्षा, वन संरक्षक तथा रीट आदि की तैयारी को लेकर भी असमंजस में हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से इस मामले में न्यायालयाधीन प्रक्रिया तेजी से पूरी करने का आग्रह किया है ताकि माननीय न्यायालय से निर्णय शीघ्र दिया जा सके और 166  बेरोजगार रोजगार पा सकें। 

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