छोटी-छोटी बातों में ही निकलता हैं बड़े परिणामों का आधार : रेल मंत्री

 


अलवर। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को अलवर जिले के ढीगावडा रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण कार्य का उद्घाटन किया। रेल मंत्री ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और कार्यकुशलता का परिणाम है हम इसको कम करने में कामयाब हो रहे हैं। प्रधानमंत्री की सोच है कि प्रदूषण को कैसे कम किया जाए। वे खुद चाहते हैं कि देश भर में सभी जगहों पर डीजल की बजाय विद्युत ट्रेनें दौड़ें। इससे देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। विदेशों से तेल का आयात कम होगा। यहां विद्युतीकरण जितना होगा उतना ही भारत के लोगों को रोजगार के अवसर भी ज्यादा मिलेंगे। छोटी-छोटी बातों में ही बड़े परिणामों का आधार निकलता है।

रेल मंत्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री को पर्यावरण की सबसे अधिक चिंता है। हर जगह प्रदूषण तेजी से बढ़ा है जिसके दुष्परिणाम हम जान रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री चिंतित है। उसी कड़ी में वे रेल को ज्यादा से ज्यादा विद्युत से जोड़ने की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। राजस्थान की जनता ने मोदी के कामकाज और ढंग को 2019 के चुनाव में 100 प्रतिशत समर्थन दिया।

रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2009 से 14 के बीच राजस्थान में रेल लाइनों का विद्युतीकरण शून्य था जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014 के बाद से अब तक 1433 किलोमीटर रेल लाइनों का राजस्थान में विद्युतीकरण हो चुका है। एक तरह से कांग्रेस के समय में राजस्थान रेलवे के विकास में अछूत सा रहा। अब दिल्ली से अजमेर तक 100 प्रतिशत रेल लाइन का विद्युतीकरण हो चुका है। अब इस रूट पर डीजल वाली गाडिय़ां नहीं चलेंगी, बल्कि विद्युत से चलने वाली ट्रेनें ही दौड़ेंगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और किसान और व्यापारियों का माल दूर तक जा सकेगा। तभी उनके उत्पादन को अच्छे भाव मिलेंगे।

रेल मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले हर वर्ष राजस्थान में रेल के जरिए 682 करोड़ रुपये निवेश होते थे, अब 2014 के बाद से 2 हजार 800 करोड़ रुपये का निवेश होने लगा हैं। 2009 से 14 के बीच राजस्थान में केवल 65 अंडर पास बने, जबकि 2014 से सितम्बर 2020 तक राजस्थान में 378 रेलवे अंडरपास बनाए गए हैं। 2009 से 14 के बीच रेलवे के जरिए केवल 4 फ्लाईओवर बनाए गए जबकि भाजपा के आने के बाद राजस्थान में 30 से अधिक फ्लाईओवर बन चुके हैं। पहले हर साल केवल 40 किलोमीटर रेल लाइन डबलिंग होती थी अब करीब 90 किलोमीटर से अधिक लाइन डबलिंग होने लगी है। इसके अलावा रेलवे के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बड़े कार्य राजस्थान में जारी हैं जिनके जरिए 10 से 15000 करोड़ रुपये का निवेश होना है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढऩे के लिए रेलवे के जरिए प्रयास जारी हैं। इस समय पूरे देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय मिलती है। यह भारतीयों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम का हिस्सा है। रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 21 माह में रेलवे के कारण एक भी पैसेंजर की मौत नहीं हुई है। यह सब रेलवे के कर्मचारियों के दिन रात लगे रहने का परिणाम है।

इस अवसर पर रेल मंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि हम तभी याद किए जाएंगे जब आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ अच्छा करके जाएंगे। उन्हों नेकहा कि हम सबको कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना है। घर से बाहर निकलने के तुरंत बाद मास्क अच्छे से लगा कर रखना है। निश्चित रूप से कोरोना महामारी में हमने बहुत कुछ खोया है लेकिन आगे आत्मनिर्भर भारत के तहत इसकी भरपाई भी कर सकेंगे। इस दौरान रेलवे के उच्च अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व आमजन मौजूद रहे।

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